पडरौना। पडरौना में दुर्गा प्रतिमा पर पथराव के बाद कुशीनगर पुलिस सतर्कता बरत रही है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। प्रत्येक प्रतिमा के साथ एक एसआई और दो कांस्टेबल चलेंगे। रास्ते में भी पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई है। विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
प्रकाश आदि की व्यवस्थाएं भी शुक्रवार को चुस्त-दुरुस्त कर ली गईं। शहर से सटे खिरकिया घाट पर प्रतिमाओं के होने वाले विसर्जन को लेकर साफ-सफाई की जा चुकी है। नगरपालिका की ओर से प्रकाश व घाट तक जाने वाले रास्ते को बेहतर कर दिया गया है। इसके अलावा जिले के अन्य घाटों पर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा चुके हैं। नदी, झरही और पोखरों में विसर्जन किए जाने के दौरान गोताखोर भी लगाए गए हैं।
सोमवार को पडरौना के छावनी में हुए दुर्गा प्रतिमा पर पथराव के बाद पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। छोटी-छोटी सूचनाओं को भी पुलिस गंभीरता से ले रही है ताकि कहीं से कोई चूक न हो। कुछ जगहों की देवी प्रतिमाओं का शनिवार से ही विसर्जन किया जाएगा। इसको लेकर पुलिस सतर्कता बरत रही है। हाटा क्षेत्र के हेतिमपुर, खड्डा के पनियहवा घाट, कप्तानगंज के साहबगंज छोटी गंडक नदी के तट पर, सेवरही के बांसी नदी के शिवाघाट, यूपी-बिहार बॉर्डर पर बांसी और पडरौना के खिरकिया घाट पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
विसर्जन स्थलों पर प्रशासन की ओर से प्रकाश आदि की व्यवस्था की गई है ताकि देर रात तक होने वाले विसर्जन में किसी तरह की दिक्कत आयोजकों को न उठानी पड़े। घाट तक जाने वाले रास्तों को भी ठीक कर लिया गया है। पुलिस की ओर से आयोजकों से बातचीत कर एक-एक गतिविधियों की जानकारी देने को कहा गया है। आयोजकों को बताया गया है कि किसी भी नई परंपरा के अनुसार प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए नहीं ले जाया जाएगा। जिस रास्ते प्रतिमाएं विसर्जन को जातीं हैं, उसी रास्ते का प्रयोग किया जाएगा। जुलूस में धार्मिक गीत के अलावा अन्य कोई भी गीत नहीं बजाए जाएंगे और कोई भी व्यक्ति शराब आदि के नशे का सेवन नहीं करेगा।