कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र के श्मशान घाट के पास अवैध असलहे बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ पुलिस ने किया है। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तमंचा फैक्ट्री पर छापा मारकर मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से अवैध असलहा बनाने के सामान, अर्द्धनिर्मित तमंचे सहित अन्य उपकरण बरामद हुए हैं।
पकड़े गए आरोपी गोरखपुर जिले के मूल निवासी हैं। उनसे पूछताछ कर पुलिस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। पकड़े गए लोगों की पहचान विकास सिंह निवासी शिवपुर सहबाजगंज पादरी बाजार थाना गुलरिहा जनपद गोरखपुर और वीर बहादुर यादव पुत्र निवासी कुई प्यासी थाना खोराबार जनपद गोरखपुर के रूप में हुई।
एसपी धवल जायसवाल ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि सोमवार को मुखबिर के जरिए पिपरा श्मशान घाट के समीप अवैध शस्त्र निर्माण की सूचना मिली थी। जानकारी होने पर पुलिस टीम पहुंची तो दो लोग मौके पर पकड़े गए। वहां एक स्थान पर अवैध तमंचा बनाने का उपकरण भी बरामद हुआ। इनके पास से अवैध रूप से बनी एक पिस्टल नौ एमएम, दो पिस्टल 32 बोर, तीन तमंचा 315 बोर, एक अर्द्धनिर्मित रिवाल्वर, शस्त्र बनाने के उपकरण, दो प्लास, छह स्प्रिंग, दो ट्रिगर गार्ड, एक ट्रिगर, दो हैमर सहित अन्य सामान बरामद हुआ है।
50 हजार रुपये में बेच रहे थे एक पिस्टल
एसपी ने बताया कि अवैध शस्त्र बनाने के लिए आग की भठ्ठी की जरूरत होती है। बनाने के लिए सामग्री एक बोरे में आसानी से आ जाती है। किसी सुरक्षित जगह को देखते हुए अवैध शस्त्र बनाकर आरोपी एक तमंचा 3500 रुपये में बेच देते हैं। पिस्टल 40 से 50 हजार रुपये में बेचते हैं। अवैध असलहा बनाने के लिए यह लोग प्लास, स्प्रिंग, ट्रिगर गार्ड, ट्रिगर, हैंबर, छीनी, बॉडी कवर, लोहे का खटका, रिपिट, हथौड़ा, सुम्भी, आरी, हेक्सा ब्लेड सहित अन्य सामान अपने पास रखते हैं।