कसया में बनाई गई गुफा को देखने से रोकती पुलिस से नोकझोक करते लोग। संवाद
आयोजकों ने पुलिस-प्रशासन पर लगाया बदसलूकी का आरोप
कुछ आयोजकों ने पंडाल की मुख्य लाइट बंद कर जताया विरोध
पडरौना। कसया में मां वैष्णो देवी की तर्ज पर बनी गुफा में दर्शन से पुलिस की रोक पर मामला तूल पकड़ लिया है। आयोजकों ने इसे पुलिस की मनमानी बताते हुए चेतावनी दी है कि गुफा में दर्शन से रोक नहीं हटाई गई तो देवी प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जाएगा। वहीं, पुलिस कार्रवाई के विरोध में अन्य पंडालों के आयोजकों ने कुछ देर तक बिजली काटकर अपना विरोध भी जताया।
पंडाल में पहुंचे दरोगा ने मौके पर पहुंचे आयोजक विमलेश कुशवाहा, कमलेश कुशवाहा, राकेश, झम्मन, उमेश से कहा कि गुफा की ऊंचाई अधिक है। इसके अंदर श्रद्धालुओं का जाना ठीक नहीं है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इसको लेकर पुलिस और मूर्ति आयोजकों के बीच कहासुनी होने लगी। दूसरी ओर आयोजकों का कहना है कि गुफा का निर्माण एक माह से हो रहा था। लेकिन किसी ने मना नहीं किया। इतना ही नहीं एसडीएम ने इसकी अनुमति भी दी है। शांति कमेटी की बैठक में भी इसकी जानकारी दी गई थी। 10 सालों से यहां पर देवी मां की गुफा बन रही है। बिहार और दूसरे शहरों से भक्त यहां आते हैं। अब ऐन वक्त पर पुलिस और प्रशासन को देवी दर्शन के लिए रोकना गलत है। नाराज लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर गिरिजेश उपाध्याय और आयोजकों में इसको लेकर एक घंटे तक बहस हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं को बिना दर्शन लौटना पड़ा। मूर्ति आयोजकों ने चेतावनी दिया कि अगर गुफा में दर्शन से रोक नहीं हटा तो मूर्ति विसर्जन नहीं होगा। गुफा वाले पंडाल के पास पुलिस तैनात कर दिया गया है।