मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल कुरमौल में रविवार की सुबह खेत में काम करने गए दो किसानों पर लकड़बग्घा ने हमला कर घायल कर दिया। किसानों ने भागकर जान बचाई। सूचना पाकर गांव आई वन विभाग की टीम गांव वालों के साथ मिलकर कांबिंग शुरू कर दी। इस दौरान वन विभाग की टीम ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, दोनों घायल किसान मेडिकल कॉलेज से इलाज कराने के बाद घर लौट आए हैं।
जंगल कुरमौल निवासी 40 वर्षीय रामनरेश मद्धेशिया सुबह नौ बजे खेत में काम करने गये थे। उसी दौरान गन्ने के खेत से निकलकर लकड़बग्घा ने हमला कर घायल कर दिया। उन्होंने भागकर जान बचाई। इसके बाद करीब सौ मीटर की दूरी पर अपने घर के पीछे बाग में बैठे 55 वर्षीय लालबहादुर चौहान की गर्दन पर लकड़बग्घे ने पंजे से हमला कर दिया। शोर मचाने पर आसपास के खेत में काम कर रहे लोग लाठी-डंडा लेकर दौड़े तो लकड़बग्घा लाल बहादुर को छोड़कर भागा और गन्ने के खेत में छुप गया।
दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर धूस पहुंचाया गया। वहां उपचार के बाद दोनों शाम को घर लौट आए। गांव वालों की सूचना पर वन दरोगा रामध्यान पांडेय टीम के साथ पहुंच गए और लोगों को साथ लेकर खेत में खोजबीन करने लगे, लेकिन लकड़बग्घा का कहीं पता नहीं चल सका। इस घटना को लेकर लोगों में दहशत व्याप्त है।
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वन कर्मियों के साथ मौके पर जाकर कांबिंग की गई। इस दौरान कहीं भी लकड़बग्घा नजर नहीं आया। एहतियात के तौर पर गांव वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम कांबिंग कर रही है। -रामध्यान पांडेय, वरिष्ठ वन दरोगा