फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: पर्यटन विभाग की भी नहीं सुनते अधिकांश होटल और लॉज

Mon, 26 Jun 2023 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो है।
विज्ञापन

- सराय एक्ट के तहत होता है होटल और लॉज का पंजीकरण

संवाद न्यूज जऐंसी

पडरौना। शहर के होटलों में ठहरने की सोच रहे हों तो अपनी सुरक्षा का इंतजाम पहले खुद समझ लें, क्योंकि इन होटलों में आपके साथ कोई भी हादसा हो गया तो, आप किसी भी तरह का कोई दावा नहीं कर सकेंगे। दरअसल, जिले के कुछ होटल और लॉज को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश होटल पर्यटन विभाग का कोई नियम कायदा नहीं मानते। अफसर जिले में संचालित होटल और लॉज को नोटिस दे चुके हैं, लेकिन कई ऐसे होटल और लॉज संचालक जो अभी भी बिना रजिस्ट्रेशन के ही संचालन कर रहे हैं।

सराय एक्ट में पंजीकरण के लिए होटल, लॉज, गेस्ट हाउस प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग, बिजली निगम के अलावा एसपी से चरित्र प्रमाणपत्र लेना होता है। इतने विभागों से एनओसी लेने के लिए होटल में सबकुछ नियम के मुताबिक होना चाहिए। लेकिन होटल व लॉज संचालक इन नियमों स बचने के लिए सराय एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। ऐसे होटल संचालकों को पर्यटन और जिला प्रशासन बार-बार नोटिस दे रहा है।
विज्ञापन

कुशीनगर और पडरौना में संचालित कुछ प्रमुख होटल और लॉज को छोड़ दें, तो अधिकांश होटल व लॉज की व्यवस्था नियमों को ताक पर रखकर ही चल रही है। हालत यह है कि यहां ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की काई गारंटी नहीं है। यदि इन होटल में ठहरने वाले किसी व्यक्ति के साथ कोई हादसा या अनहोनी हो जाए तो वह किसी तरह की शिकायत या दावा करने की स्थिति में नहीं है।
कई ऐसे होटल हैं जो नियमों और अधिकारियों के भय को ताक पर रखकर धड़ल्ले से गैर कानूनी कार्य भी करते हैं। इनका रजिस्ट्रेशन नहीं होने से पर्यटक या प्रशासन के अधिकारी भी कार्रवाई नहीं करते हैं। ऐसे में कोई अनहोनी अथवा अन्य शिकायतें आने पर पुलिस की कार्रवाई करती है। बीते कुछ दिन पहले कुशीनगर के होटल में छापामार कर अश्लील हरकत करने वाले लोगों को पक़ड़ा था। हालत यह है कि इन होटलों में सिर्फ नाम पर ही सब कुछ चलता है। रिकॉर्ड में इनके पास कुछ भी नहीं होता है।



अंग्रेजों के समय बना था सराय एक्ट



ब्रिटिश काल में वर्ष 1867 में सराय एक्ट बनाया गया था। इस एक्ट में आज भी होटलाें का पंजीकरण किया जा रहा है। एक्ट में सराय से आशय ऐसे भवन से माना गया था, जिसे यात्रियों के आश्रय और आवास के लिए प्रयोग में लाया जाता हो। एक्ट में प्रावधान है कि जिलाधिकारी एक रजिस्टर रखेंगे, जिसमें वह स्वयं या उनके द्वारा नामित व्यक्ति अपने अधिकार क्षेत्र के अंदर आने वाली सभी सरायों के नाम, निवास स्थान की प्रविष्टि करेगा। इसके लिए कोई शुल्क सराय संचालकों से नहीं लिया जाएगा। सराय जब तक पंजीकृत नहीं कर ली जाएगी, तब तक उसमें किसी व्यक्ति को ठहराया नहीं जा सकेगा।



अवैध गेस्ट हाउस व होटलों के खिलाफ प्रशासन व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

केस-1
बीते दो जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-28 स्थित एनके गेस्ट हाउस पर एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव व सीओ कुंदन सिंह ने छापेमारी की थी। गेस्ट हाउस से छह जोड़े युवक-युवतियां पकड़ी गईं थीं। छानबीन में यहां आने-जाने वालों का ब्योरा दर्ज नहीं होने और ना ही एनओसी थी।प्रशासन ने इसे सील करने की कार्रवाई की थी।



केस-2
बीते 21 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-28 स्थित भोला होटल पर पुलिस ने छापेमारी की थी। आपत्तिजनक हालत में दो युवतियां व पांच युवक पकड़े गए थे। पुलिस ने होटल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी। थाने से युवतियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया था। होटल मानक विहीन मिला था।

केस- 3
बीते 23 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-28 स्थित राज गेस्ट हाउस पर नायब तहसीलदार आशीष गुुप्ता व चौकी इंचार्ज कुशीनगर विवेक पांडेय ने छापेमारी की। छापेमारी की भनक लगते ही संचालक फरार हो गया था। एसडीएम के निर्देश पर गेस्ट हाउस को सील कर दिया गया। वहीं, पकड़े गए जोड़ों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया, जबकि एक युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई।



कुशीनगर और पडरौना में संचालित होते हैं करीब 60 होटल
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थली कुशीनगर और जिला मुख्यालय पडरौना नगर व उसके आसपास थ्री स्टॉर, स्पेशलिटी होटल समेत करीब 60 छोटे-बड़े होटल संचालित होते हैं। इसमें इंपीरियल, रॉयल रेजीडेंसी, निक्को लोटस थ्री स्टॉर, होटल ओम रेजीडेंसी स्पेशलिटी होटल, होटल एडेल्फी ग्रैंड के यूपी टूरिज्म का राही पथिक आवास गृह, होटल बुद्धा, होटल यश के अलावा पडरौना, फाजिलनगर सहित जिले के अन्य नगरों में कुछ संचालित हैं। इसके अलावा कई ऐसे छोटे-छोटे अतिथि गृह, धर्मशाला व रेस्टोरेंट संचालित होते हैं, जिनके बारे में प्रशासन को तब पता चलता है, जब वहां कोई वारदात होती है।




सितंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच कुशीनगर आए थे पांच लाख से अधिक पर्यटक
कुशीनगर भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने के नाते यहां हर समय देश और विदेश के पर्यटक आते रहते हैं। पर्यटक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, सितंबर 2022 से मार्च 2023 तक 59 हजार 374 विदेशी पर्यटक, चार लाख 96 हजार 515 भारतीय पर्यटक आए थे। इसके अलावा बीते तीन फरवरी को दक्षिण कोरिया से 1300 सदस्यीय दल, भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री संबंध के 50 वर्ष पूरे होने पर 200 कोरियाई राजनयिक सदस्यीय दल कुशीनगर भ्रमण पर आए थे। हालांकि, इस वर्ष जापान और चीन के पर्यटक कुशीनगर नहीं आए हैं, जबकि थाईलैंड, भूटान, मलेशिया, सिंगापुर के पर्यटकों की संख्या भी अन्य वर्षों कम रही है। पर्यटक सीजन में कोरिया, वियतनाम व ताइवान के पर्यटकों की भागीदारी बढ़ जाती है।
विज्ञापन


कोट
पूर्व में पंजीकृत करीब 80 फीसदी होटल और लॉज का पंजीकरण कराया लिया गया है। शेष होटल और लॉज के संचालकों को पंजीकरण के लिए नोटिस दिया जा रहा है। इसके अलावा नए खुले होटल और लॉज, जो रजिस्ट्रेशन नहीं कराए हैं उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। यदि वे शीघ्र सराय एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं कराते हैं, तो उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

- देवीदयाल वर्मा, एडीएम, कुशीनगर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें