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Kushinagar News: थाई मंदिर से निकली पवित्र बुद्ध धातु शोभायात्रा, धम्ममय हुआ नगर

Sat, 24 Feb 2024 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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 बुद्ध धातु शोभायात्रा में शामिल विधायक पीएन पाठक, उद्योगपति पोंग्रिथ श्री स्मिथ व अन्य।
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पकवा इनार (कुशीनगर)। थाई मोनास्ट्री कुशीनगर की तरफ से शुक्रवार को 15वीं पवित्र बुद्ध धातु शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें भारत, थाईलैंड के अलावा कई देशों के बौद्ध भिक्षु, उपासक-उपासिकाएं शामिल हुईं। इस यात्रा से कुशीनगर बुद्ध मय दिखा। धम्मम शरणं गच्छामि, संघम शरणं गच्छामि, धम्मम शरणं गच्छामि गुंजायमान होता रहा।
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शुक्रवार को दिन के करीब 3:30 बजे शोभायात्रा थाई मोनास्ट्री से शुरू हुआ। शोभा यात्रा में शामिल थाईलैंड के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा। आकर्षक ढंग से सजे कलाकारों की तरफ से प्रस्तुत किया जा रहा नृत्य थाईलैंड के उत्तरी भाग का प्रमुख मशहूर नृत्य रहा। शोभा यात्रा का कार्यक्रम मोनास्ट्री की तरफ से विगत 14 वर्षों से आयोजित किया जाता है। शोभा यात्रा में भगवान बुद्ध का पवित्र धातु अवशेष रथ पर रखी गई थी। इसे महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर लाया गया। यहां तथागत बुद्ध की लेटी प्रतिमा के समक्ष विशेष पूजा हुई। शोभा यात्रा में गाजे बाजे के साथ हाथी भी शामिल रहे। इसके अलावा क्षेत्र के कई विद्यालयों के बच्चे भी शामिल हुए।
इस दौरान फ्रा. सोमपोंग, फ्रा. सोंगक्रान, फ्रा जित्तिफान, कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदंत एबी ज्ञानेश्वर, हथुआ राज परिवार के मृगेंद्र प्रताप शाही, पूनम शाही उद्योगपति प्रोंग्रिथ श्रीस्मिथ, भंते नंदरतन डॉ. बीएन सिंह, अंबिकेश त्रिपाठी, जितेंद्र राय, ओमप्रकाश कुशवाहा, विवेक गोंड, सूरज यादव आदि मौजूद रहे।
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पुरातात्विक खुदाई में मिला था बुद्ध धातु अवशेष


इस शोभा यात्रा में जिस बुद्ध धातु अवशेष को घुमाया जाता है, वह 1898 में कपिलवस्तु की पुरातात्विक खुदाई में प्राप्त हुआ था। तत्कालीन गवर्नर कर्नल पेपे ने थाई महाराजा रामा पंचम को उपहार स्वरूप किया था, जो रॉयल पैलेस बैंकाक में सुरक्षित रखा गया। थाइलैंड के 9वें राजा भूमि बोल अदुलयदेज की पुत्री महाचक्रीय शिरोधोर्न ने वर्ष 2005 में धातु अवशेष को थाईलैंड से लाकर यहां स्थापित किया था। यह थाई मंदिर में बने बुलेटप्रूफ स्वर्ण आभायुक्त चैत्य में सुरक्षित रखा जाता है।



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बुद्ध के साथ सनातन की भी दिखी झांकी

थाई मोनास्ट्री से निकली शोभायात्रा में सिर्फ बुद्ध से जुड़ी आकर्षक झांकियां नहीं, बल्कि यह पहली बार सनातन संस्कृति की भी झांकी में झलक दिखी। झांकी में जहां बुद्ध व उनके शिष्यों की आकर्षण बढ़ा रही थी, वहीं भगवान राम, लक्ष्मण व सीता, हनुमान की भी झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा स्कूलों के बच्चों ने भोलेनाथ की भी झांकी प्रस्तुत की। यही नहीं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई व महात्मा गांधी बने स्कली बच्चों ने लोगों को खूब रिझाया। इस दौरान जय श्रीराम के जयकारे भी लगे। पूरा वातावरण बुद्ध मय, श्रीराम मय व राष्ट्र प्रेम मय हो उठा।

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44 स्वर्ण आभायुक्त रथों पर सवार थे अतिथि

15वीं बुद्ध धातु शोभायात्रा में 44 अति विशिष्ट व थाईलैंड के अतिथि रहे सवार। इनमें कुशीनगर भिक्षु संघ अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर भी शामिल रहे। रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। उन पर सुनहरे व आकर्षक परिधानों में थाई अतिथि शोभायात्रा के आकर्षण को बढ़ा रहे थे। वहीं बौद्ध भिक्षु भी रथों पर चीवर के साथ माहौल को बुद्ध मय बना रहे थे।
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