पिपरा कनक। लक्षित हस्तक्षेप परियोजना सवेरा की ओर से सोमवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें तमकुहीराज सीएचसी के रत्नेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि एचआईवी एक बहुत ही घातक बीमारी है। यह व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक व सामाजिक रूप से इतना कमजोर कर देता है कि व्यक्ति बीमार होते हुए भी डॉक्टर व समाज दोनों से छिपाता है। उन्होंने कहा कि इससे बचाव का एकमात्र उपाय जागरुकता है। इस दौरान प्रधानाचार्य आरबी राम, बृजभूषण सिंह, शैलेश प्रसाद, राजेश कुमार वर्मा, बलराम शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद