पडरौना। कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बीच मंगलवार की दोपहर कसया, हाटा और तमकुहीराज क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। करीब एक घंटे हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। मौसम विज्ञानी ने बताया कि जिले में दोपहर बाद करीब 31 एमएम बारिश दर्ज की गई। 27 सितंबर तक जिले में आसमान छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
मंगलवार की सुबह आठ बजे ही निकली तेज धूप ने बीते दिनों की तरह लोगों को परेशान किया। लेकिन, दोपहर करीब एक बजे आसमान में काले बादल छाने लगे। इसके कुछ देर बाद हाटा, कसया और तमकुहीराज क्षेत्र में झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत के अलावा खेतों में सूख रही धान की फसलों संजीवनी मिली है। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया की मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जिले के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है।
पूर्वानुमान अवधि में अधिकतम तापमान 27 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 91 से 100 प्रतिशत और शाम के समय 47 से 53 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पूर्वानुमान अवधि में 10 से 20 किमी प्रति घंटे की गति से पुरवा हवा चलेगी। आसमान में बादल छाए रहने के साथ 27 सितंबर तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके चलते तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम होने की संभावना है।
लक्ष्मीगंज प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से उमसभरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। क्षेत्र के मोनू दूबे, संदीप गुप्ता, मारकंडेय शर्मा, जयप्रकाश यादव, जगदीश प्रसाद आदि किसानों ने बताया कि गर्मी से राहत मिलने के साथ धान की फसलों को संजीवनी मिली है। ओमप्रकाश, रामचंद्र प्रसाद, इंद्रजीत पासवान, जवाहिर कुशवाहा, मनोज गुप्ता, इंद्रदेव यादव, मनमोहन मौर्य आदि किसानों ने बताया कि सितंबर में धान की बालियां पकने के कगार पर हैं। बारिश नहीं होने से धान की बालियां पीली पड़ने लगी थीं, जिससे किसान चिंतित थे।
बोदरवार प्रतिनिधि के अनुसार, तेज आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान गोरखपुर-कप्तानगंज मार्ग पर सुधियानी रेलवे ढाले के पास एक पेड़ गिर गया। इससे राहगीरों का आवागमन प्रभावित रहा। सूचना पर पहुंचे बोदरवार चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने आसपास के लोगों की मदद से पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़े में कटवाकर सड़क से हटवाया। इसके बाद इस मार्ग से आवागमन शुरू हो सका।