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Kushinagar News: गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड, पारा पहुंचा 44 डिग्री के पार

Fri, 14 Jun 2024 05:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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शहर के सुभाष चौक पर धूप से बचने के लिए छाता लेकर  निकलीं युवतियां।
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पडरौना। सूरज की तपिश दिन पर दिन बढ़ने से जेठ की गर्मी हर दिन नया रिकॉर्ड बना रही है। बृहस्पतिवार को अधिकतम पारा 44 पर पहुंच गया। बृहस्पतिवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। इसका असर सेहत पर भी पड़ रहा है। सुबह आठ बजे से ही सूरज की तपिश लोगों को झुलसा रही है। सड़कों पर दोपहर होते ही सन्नाटा छा गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। बृहस्पतिवार को लू के थपेड़ों से लोग परेशान रहे। दोपहर में शहर की कई सड़कें सूनी हो गईं। तपती दोपहरी में बाइक सवार सिर पर गमछा बांधने के बाद हेलमेट लगाए नजर आए। दोपहर में मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में कई मरीज घबराहट, कमजोरी, उल्टी-दस्त की समस्या लेकर पहुंचे। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक हवा में नमी सिर्फ 48 प्रतिशत रही। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया की मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि एक सप्ताह तक बारिश की संभावना नहीं है। तापमान धीरे-धीरे कम होगा। 21 जून तक अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। 21 जून को जिले के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
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अस्पतालों में फिर बढ़ गए डायरिया के मरीज
पिछले दिनों तापमान में मामूली गिरावट होने के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या घट गई थी। अब एक बार फिर डायरिया के मरीज अस्पताल में पहुंचने लगे हैं। लू के थपेड़े बुजुर्गों को ज्यादा परेशान कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि ओपीडी में करीब 300 मरीज पहुंचे। इसमें से औसतन 90 से अधिक मरीज डायरिया के पहुंच रहे हैं। अस्पताल के वार्ड फिर से भरने लगे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश वर्मा ने बताया कि गर्मी में हीट वेव की वजह से शरीर का तापमान बहुत बढ़ जा रहा है। इससे बच्चों में चिड़चिड़ापन, दूध न पीना, बेचैनी होना, पतला दस्त होना, उल्टी होना जैसी शिकायतें बढ़ गई है। गर्मी लगने की वजह से शरीर का यदि तापमान बढ़ता है, तो बुखर की दवाएं भी कार्य नही करती हैं। इसलिए बच्चों को हवादार और ठंडे कमरे में रखें। सूती कपड़ा पहनाएं। शरीर अधिक गर्म तो ठंड पाने से कम से कम दस मिनट तक पोछें। धूप में कार्य करते समय अचेत हो जाए तो उसे बर्फ के ठंडे पानी में नौ मिनट से 40 मिनट तक रखें। पानी के साथ उन्हें अस्पताल ले जाएं।
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दोपहर में तापमान बढ़ने से सड़कों पर पसर जा रहा है सन्नाटा

एक पखवाड़े से गर्मी बढ़ती जा रही है। सूरज की तपन लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। हालत यह है कि सुबह नौ से शाम चार बजे तक गर्मी से जीना दुश्वार हो रहा है। 10 बजे के बाद लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बिना मुंह ढंके बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है। बृहस्पतिवार को भीषण गर्मी के चलते हाईवे समेत शहर के कई मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर राहगीरों की संख्या में कमी देखी गई। मौसम विभाग के मुताबिक आगामी 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने एवं औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, चिकित्सकों की मानें तो गर्मी में शरीर से निकलने वाले पसीने से पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में बीमार होने का अधिक खतरा रहता है।
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इन बातों का रखें ख्याल
- दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें।

- धूप में खड़ी गाड़ियों में बच्चों को अकेला न छोड़ें।
- बंद व गर्मी वाले स्थान पर खाना पकाने से बचें।

- शराब, चाय-कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक न पीएं।

- धूप में बाहर जाते समय छाता व चश्मा रखें।

- फील्ड में काम करने वाले लोग पानी की बोतल साथ रखें।

- सूरज की सीधी रोशनी से बचने के लिए घर में पर्दा लगाएं।
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