पडरौना। भीषण गर्मी और लू के चलते हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य महकमा अस्पताल से भीड़ कम करनेे में जुटा है। क्षमता सेे अधिक वार्डों में भर्ती मरीजों को दवा देकर घर भेज रहे हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 117 और वार्ड में 238 सहित कुल 345 मरीज भर्ती हैं। हालांकि, मंगलवार आकाश में रह रहकर बादल छाए रहने से अन्य दिनों की अपेक्षा गर्मी कम रही, लेकिन फिर भी जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बुखार, पेट दर्द और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या अधिक रही।
पिछले दस दिनों से जनपद भीषण गर्मी और लू की चपेट में था। इसके साथ-साथ बेतहाशा बिजली कटौती से लोगों की हालत बिगड़ जा रही थी। नतीजा यह था कि लोग अधिक बीमार पड़ रहे थे। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की बाढ़ सी आ गई थी। यही नहीं जनपद के अलग-अलग हिस्सों में 13 लोगों ने इस भीषण गर्मी और लू के चलते प्राण गंवा दिए। उनमें हीट स्ट्रोक के लक्षण पाए गए थे। मंगलवार को सुबह से ही रह-रहकर बादल छाए रहे, जिसकी वजह से अन्य दिनों की अपेक्षा गर्मी कम रही। लू भी नहीं चली। इससे न केवल लोगों ने राहत महसूस की। लोग पिछले दिनों की अपेक्षा उल्टी, दस्त और बुखार से कम बीमार पड़े, लेकिन फिर भी कई मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। इमरजेंसी मेें तमकुहीराज निवासी रामब्रत 60 को ऑक्सीजन चढ़ाया जा रहा था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। प्रियंका 22 और रामदरश 32 तेज बुखार से पीड़ित थे, इमरजेंसी में भर्ती कर डॉक्टर इलाज कर रहे थे।
वहीं जनरल वार्ड में तीमारदारों ने बताया कि पूरी रात कई मरीजों को फर्श पर लिटाकर इलाज किया गया है। शिकायत करने पर भी बेड की व्यवस्था नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे डॉक्टर राउंड पर आए तो मरीजों को देख परेशान हो गए। राउंड के बाद उन्होंने 40 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया और बोले दवा लेकर घर जाओ ठीक हो जाओगे। बावजूद इसके अभी 70 मरीज वार्ड में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
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- खराब मौसम की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। घबराने की जरूरत नहीं हैं। धूप से बचने की आवश्यकता है। वार्ड में बेड कम हैं। इसलिए मरीजों की भीड़ बढ़ गई थी, जो मरीज ठीक थे, उन्हें दवा देकर घर जाने की सलाह दी गई। हीट स्ट्रोक से किसी की मौत नहीं हुई है।
-डाॅ. एचएस राय, सीएमएस, जिला अस्पताल