फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: गृहकलह के कारण एएनएम ने कर ली आत्महत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। सेवरही थाना क्षेत्र के दुमही स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र पर कार्यरत दीपशिखा नाम की जिस एएनएम का शव आवास में पंखे से लटका मिला था। मंगलवार को उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह फंदा लगाने के कारण दम घुटने से होना बताई गई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह गृहकलह के कारण मानसिक अवसाद में थी।
विज्ञापन

मुरादाबाद जिले के कुंदेकरी थाना क्षेत्र के सरारी पंजू गांव के निवासी प्रकाश राव गौतम की 28 वर्षीय पत्नी दीपशिखा की वर्ष 2019 में संविदा के पद पर नियुक्ति हुई थी। उसकी तैनाती सेवरही थाना क्षेत्र के दुमही स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र (एएनएम सेंटर) पर थी। रविवार की रात 10:50 पर दुमही गांव की आशा के मोबाइल नंबर पर किसी अनजान व्यक्ति ने फोन किया। उसने फोन पर बताया कि सेंटर पर जाइए। एएनएम की तबीयत खराब है। उसकी जान खतरे में है। इस पर आशा के साथ करीब 20 लोग सेंटर पर पहुंच गए। वहां एएनएम का शव दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका हुआ।
00000
खिचड़ी खाने के बाद लगा ली फांसी
मृतका का पति प्रकाश राव सोमवार की रात नौ बजे पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए। मंगलवार की शाम एएनएम का पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट में आया कि वह सोमवार की रात भोजन करने के बाद ही गले में फंदा लगाकर जान दी है। भोजन में वह खिचड़ी बनाकर खाई थी।
विज्ञापन

00000
गृहकलह के कारण कर ली आत्महत्या थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि एएनएम दो वर्षों से अकेले रहकर काम करती थी। बच्चे पति के साथ रहते थे। उसके पति ने बताया कि संविदाकर्मी थी। 12 हजार रुपये से अधिक मानदेय मिलता था। वह स्वयं 12 हजार रुपये पर एक मारुति कंपनी में काम करता है। कभी आर्थिक तंगी से भी जूझना पड़ता था। इस बीच पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद हुए थे। इसी बात को लेकर वह परेशान थी। पुलिस के मुताबिक इन्हीं बातों को लेकर अवसाद में थी और आत्महत्या का कदम उठा लिया।
000000
अज्ञात फोन वाले व्यक्ति की जानकारी कर रही पुलिस
सोमवार की रात आशा के फोन पर बात करने वाले व्यक्ति के बारे में पुलिस बता लगा रही है। वह कोई एएनएम का परिचित ही था। उसे पहले से जानकारी थी कि वह फांसी लगाने वाली है। वह सोमवार की देर रात आशा के मोबाइल पर गुहार लगा रहा था। जाइए उसकी जान खतरे में है।
00000
अज्ञात व्यक्ति ने कहा था, मायकेवालों को देना सामान, ले गए वही
रात को फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति को जानकारी हो गई कि एएनएम इस दुनिया में नहीं रही तो वह फोन पर चिकित्सा प्रभारी से कहा कि मृतका का सामान मायके वाले को दीजिएगा।
मंगलवार को मायके और ससुराल पक्ष के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उस समय मौजूद रहे लोगों ने बताया कि मृतका का सामान पुलिस व प्रभारी चिकित्साधिकारी की मौजूदगी में मायके वालों को दिया गया। इस बात को लेकर लोगों में चर्चा रही कि आखिर वह कौन करीबी है, जो ऐसे कहा और मायकेवाले सामान ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें