पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल कुरमौल गांव निवासी 45 वर्षीय बाबूलाल चौहान छप्पर के लिए खड्डा पतहर लाने गए थे। देर रात पतहर लेकर ट्रैक्टर ट्राली से लौट रहे थे। साथ में इनका चार वर्षीय पोता विजय उर्फ बिट्टू भी था। ट्रैक्टर बाबूलाल का रिश्ते का भतीजा चला रहा था। कोहरे के कारण सड़क पर चालक को दिखाई नहीं दे रहा था। इसी बीच पिपरा-बलकुड़िया मार्ग पर बहोर छपरा गांव के पास अचानक ट्रैक्टर के सामने एक वाहन आ गया। उसे बचाने के लिए चालक ने ब्रेक लगाया, तो हरिश्चंद्र व उनकी गोद में बैठा बिट्टू ट्रैक्टर से नीचे गिर गए और पहिए के नीचे आने से दोनों की मौके पर मौत हो गई। ट्रैक्टर चालक को कुछ देर तक तक इसका पता ही नहीं चला। थोड़ी दूर जाने के बाद जब उसने देखा तो दादा-पोते नहीं दिखे। तब वह खोजते हु्ए पीछे आया, तो दोनों की लाश सड़क पर मिली। उसने घरवालों और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर गांव और घर वाले भी पहुंच गए। पुलिस ने बाबूलाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घर वालों ने चार वर्षीय बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।