जीएसटी में पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ले रहीं ग्राम पंचायतें
पडरौना। ढाई लाख से ऊपर की आपूर्ति लेने वाली सभी सरकारी संस्थानों को जीएसटी में पंजीकरण कराने का आदेश जनपद में पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। इस कार्य में ग्राम पंचायतें सबसे पीछे हैं। इनकी तरफ से पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ली जा रही है। जनपद की 1003 ग्राम पंचायतों में से अब तक सिर्फ नौ ने ही पंजीकरण कराया है। इसे देखते हुए डीपीआरओ ने सभी एडीओ पंचायत को जीएसटी में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर वाणिज्य कर विभाग ने शिथिलता बरतने वाली ग्राम पंचायतों को सोमवार से 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड का नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।
सरकारी विभाग भी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के दायरे में आ गए हैं, लेकिन उसकी अदायगी नहीं की जा रही है। ढाई लाख रुपये से अधिक की आपूर्ति लेने वाले समस्त विभागों के लिए जीएसटी में पंजीकरण कराना कराना अनिवार्य है। ढाई लाख से ऊपर की आपूर्ति पर एक प्रतिशत सीजीएसटी और एक प्रतिशत एसजीएसटी देना है। इसके तहत समस्त सरकारी विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों को वेबसाइट पर जीएसटी में अपना पंजीकरण कराना है। यह पंजीकरण विभाग की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट जीएसटी डॉट जीओवी डॉट इन पर होगा।
यह मामला संज्ञान में आने पर पांच मई को तत्कालीन सीडीओ अनुज मलिक ने बीडीओ, सभी ईओ और आहरण वितरण अधिकारियों को पत्र भेजकर जीएसटी में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए थे। उसके बाद तकरीबन 20 दिन पहले डीएम ने डीपीआरओ को इस संबंध में निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, जीएसटी में पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ली जा रही है।
डीपीआरओ अभय कुमार यादव ने भी 22 अगस्त को जनपद के सभी एडीओ पंचायत को पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने निर्देशित किया है कि अपने कार्यालय एवं अधीनस्थ ग्राम पंचायतों, जिनकी तरफ से माल अथवा सेवा की आपूर्ति प्राप्त करके भुगतान किया जाता है, का जीएसटी में पंजीकरण कराकर उसका नंबर अवश्य प्राप्त कर लें। इसके साथ ही अपने-अपने विभागों में माल एवं सेवाओं के आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करते समय नियमानुसार टीडीएस कटौती करते हुए भुगतान करें तथा जीएसटी को नियमानुसार राजकोष में जमा कराएं। इस कटौती का अभिलेख भी अपने पास रखें।
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए शासन ने ढाई लाख रुपये से अधिक की आपूर्ति लेने पर जीएसटी अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश वर्ष 2018 से ही लागू है। अन्य कई सरकारी विभागों ने तो जीएसटी में पंजीकरण करा लिया है, लेकिन जनपद की नौ ग्राम पंचायतों को छोड़कर अन्य ने पंजीकरण नहीं कराया है। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा चुका है। जागरुक करने के लिए बीडीओ के माध्यम से बैठक भी की जा चुकी है। अब सोमवार को उन 94 ग्राम पंचायतों को 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड का नोटिस जारी किया जाएगा, जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है।
- डॉ. सुनील कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर विभाग