कटाई भरपुरवा गांव में आमरण अनशन पर बैठी महिलाएं।संवाद
- वर्ष 2017 से ही कब्जा पाने के लिए दौड़ रही थी पीड़िता
सात अगस्त को दी थी आत्महत्या की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसाछापर। जटहां बाजार थाना क्षेत्र के कटाई भरपुरवा गांव में बृहस्पतिवार को जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए दो महिलाएं जैसे ही आमरण अनशन पर बैठीं, प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे खड्डा एसडीएम ने पीड़ितों के जमीन की पैमाइश कर कब्जा दिलाकर अनशन समाप्त कराया। जमीन पर कब्जा पाने के लिए पीड़ित महिलाएं वर्ष 2017 से ही तहसील का चक्कर लगा रही थीं।
कटाई भरपुरवा गांव की मराछी देवी और सिमरिखिया देवी वर्ष 2017 में एक जमीन बैनामा ली थी, लेकिन उस जमीन पर गांव के ही एक व्यक्ति का अवैध कब्जा था। मराछी देवी ने चार डिस्मिल और सिमरिखिया देवी ने तीन डिस्मिल जमीन बैनामा कराई थी। जमीन पर कब्जा पाने के लिए ये दोनों महिलाएं खड्डा तहसील से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र देकर कब्जा दिलाने की मांग की थी। इसके बावजूद अधिकारियों की तरफ कार्रवाई नहीं हुई। पिछले चार अप्रैल को दोनों महिलाएं अनशन पर बैठी थीं। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन देकर अनशन समाप्त करवा दिया। इसके बाद प्रशासन भूल गया। इस बार दोनों महिलाओं ने प्रशासन को अनशन के साथ न्याय नहीं मिलने की दशा में सात अगस्त की शाम को आत्महत्या की चेतावनी दीं थीं। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे दोनों महिलाएं पुन: दरवाजे पर परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठ गईं। सूचना पर पहुंचे खड्डा एसडीएम आशुतोष कुमार, पडरौना तहसीलदार सुमित सिंह, कानूनगो लेखपाल ने इन महिलाओं के जमीन की पैमाइश कर उनके हिस्से की जमीन पर कब्जा दिला दिया। इसके बाद शाम पांच बजे प्रशासन ने महिलाओं का अनशन समाप्त करा दिया।इस संबंध में एसओ राजकुमार बरवार ने बताया की एसडीएम की मौजूदगी में दोनों महिलाओं को जमीन पर कब्जा दिलाकर अनशन समाप्त कराया गया है।