खड्डा। बाइक लूट की सूचना पर मंगलवार की रात पुलिस घंटों परेशान रही। सच्चाई उजागर होने के बाद पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में ले लिया और उसके स्कूल से बाइक बरामद हुई। झूठी सूचना देने के आरोप में बुधवार को पुलिस ने शिक्षक को शांतिभंग में चालान कर दिया। एसडीएम कोर्ट से देर शाम को जमानत मिल गई।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के निर्मलपट्टी गांव के निवासी अर्जुन एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता है। स्कूल प्रशासन ने तीन माह का मानदेय नहीं दिया है। इसे लेकर अर्जुन परेशान था। मंगलवार को दिन में स्कूल के प्रधानाचार्य से मानदेय को लेकर कहासुनी किया और नाराज होकर अपनी बाइक स्कूल में छोड़कर घर चला गया। मंगलवार की रात करीब नौ बजे हनुमानगंज थाना क्षेत्र के तिनबदरहा गांव के बाजार से बाइक लूटने की सूचना 112 नंबर पर फोन कर दिया। बाइक लूट की खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस अर्जुन से पूछताछ करने लगी। अर्जुन करीब दो घंटे तक पुलिस को झूठी बातों में उलझाए रहा और इधर-उधर घुमाता रहा। वायरलेस सेट पर भी बाइक लूट का मैसेज पास हो गया। पुलिस जब कड़ाई से पेश आई तो शिक्षक ने सच्चाई उगल दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि शिक्षक की बाइक स्कूल में है। तीन माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण वह बाइक लूट की झूठी कहानी रचकर स्कूल के प्रधानाचार्य को फंसाना चाहता था। पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में ले लिया। पूरी रात हवालात में रात कटी और बुधवार को दोपहर बाद पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया। खड्डा एसडीएम कोर्ट में पुलिस ने पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। हनुमानगंज एसओ अजय पटेल ने बताया कि प्राइवेट स्कूल मेंं अर्जुन पढ़ाता है। बाइक लूट की झूठी सूचना देकर पुलिस को परेशान किया था। शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।