पिपराघाट पर बांसी नदी में पिड़िया का विसर्जन करतीं युवतियां।
तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र में पिडि़या विसर्जन दो दिन होगा। बुधवार को पहले दिन कुछ गांवों की युवतियों ने पिपराघाट स्थित बांसी व गंडक नदी में पिडि़या का विसर्जन किया। सेवरही क्षेत्र में मार्गशीष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पिडि़या मनाई जाती है। इनमें गोबर्धन पूजा के दिन महिलाएं और युवतियां गाय के गोबर से पिडि़या लगाती हैं। एक माह तक उसकी आराधना कर मार्गशीष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की भोर में नदी में विसर्जित करती हैं। कहा जाता है कि सतयुग में माता पार्वती ने बालू का पिडि़या बनाकर पूजापाठ कर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था। क्षेत्र के विरवट कोंन्हवलिया, बाक खाश, बाघा चौर, पिपराघाट आदि गांवों की महिलाएं और युवतियों ने पिडि़या का विसर्जन किया। संवाद