जिले की गोेशालाएं बदहाल, टिनशेड नहीं होने से पशु परेशान
- दो जनवरी की रात कप्तानगंज कान्हा गोशाला में एक गाय की हो चुकी है मौत
पडरौना। इस कड़ाके की ठंड में इंसान ही नहीं पशु भी परेशान हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने गोवंश को ठंड से बचाने के लिए गोशालाओं में इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले की गोशालाएं बदहाल हैं। गोशालाओं में टिनशेड न होने से गोवंश ठंड से ठिठुर रहे हैं।
जनपद में खड्डा स्थित बृहद गो संरक्षण केंद्र कोपजंगल में 600 गोवंश, कान्हा गौशाला हाटा में 38, कप्तानगंज में 32, रामकोला में 26 खड्डा में 24 गोवंश है। सरकार की ओर से पंजीकृत पडरौना बकुलहा स्थित श्री पिजरा पोल 648, तमकुही स्थित श्री कृष्ण गौशाला में 331 मवेशी हैं।
बृहस्पतिवार को खड्डा और कप्तानगंज स्थित गौशाला में अधिकतर पशुओं के शरीर पर ओढ़नी नहीं थी। पशु ठंड से कांप रहे थे। तमकुही स्थित गोशाला में दोपहर तक सफाई नहीं हुई थी।
आम लोगों का जाना प्रतिबंधित है
गोशालाओं में गोवंशों की हालत या यहां की व्यवस्था से कोई रूबरू न हो सके। इसके लिए गोशालाओं में आम लोगों का जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। अगर कोई अलग से चारा भी खिलाना चाह रहा है, तो बाहर से चारा लेकर अंदर नहीं जाने दिया जाता है। हाथ से खिलाने को कहने पर विभागीय अधिकारी शासन से आदेश होने का तर्क देकर वापस कर देते हैं।
सफाई के नहीं हैं इंतजाम
जनपद के अधिकतर गोशाला में समय से सफाई नहीं हो रही है। गोबर कई घंटों तक पड़ा रहता है। इससे पशुओं को परेशानी होती है।
वर्जन
सभी एसडीएम गोशाला का निरीक्षण कर रहे हैं। बेहतर व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
रमेश रंजन, डीएम कुशीनगर