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Kushinagar News: मादक पदार्थों का हब बनता जा रहा कुशीनगर

Thu, 18 May 2023 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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सटीक मुखबिरी पर ही पुलिस को मिलती है सफलता, 16 माह में 132 मुकदमे दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी

पडरौना। जिले में मादक पदार्थो की सक्रियता बढ़ गई है। पुलिस की कार्रवाई में ही हाल के दिनों में कई गिरोह पकड़े गए हैं। पुलिस की कार्रवाई ही बयां करती है कि मादक तस्करों की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं।



बिहार और उड़ीसा से दिल्ली, पंजाब व अन्य बड़े शहरों के लिए मादक पदार्थ ले जाने वाले तस्कर एनएच-28 का प्रयोग करते हैं। गाड़ियों की केबिन, सीट के नीचे या फाटक सहित ऐसे स्थानों पर छिपाकर रखते हैं कि आसानी से पकड़ में नहीं आते। दो मई को तरयासुजान क्षेत्र के सलेमगढ़ टोल प्लाजा के पास ट्रक पकड़ा गया। ये चालक के केबिन के पास गांजा रखे थे।
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16 माह में 132 मुकदमे हुए दर्ज, रखते हैं गोपनीय केबिन

कुशीनगर जनपद के विभिन्न थानों में मादक पदार्थ के मामले में 132 मुकदमे पंजीक़ृत किए गए हैं। इसमें 188 अभियुक्त गिरफ्तार हुए हैं। इसमें कुछ झाड़ू सहित अन्य कनटेनर में गांजा छिपाकर ले जाते थे। पुलिस को चकमा देने के लिए वे अलग से चालक की सीट के पास ही एक गोपनीय केबिन बनाते हैं। पुलिस चेक तो करती है लेकिन पकड़ नहीं पाती है। सटीक मुखबिरी पर ही पुलिस को सफलता मिल पाती है।



चार करोड़ का गांजा पकड़ा गया, सटीक मुखबिरी पर होती है जानकारी



कुशीनगर की पुलिस ने 16 माह के अंदर 2,106. 835 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसकी कीमत 4,21,36,700 रुपये रही। यह बरामदगी सबसे अधिक नेशनल हाईवे-28 पर की गई। वह तब जब सटीक मुखबिरी की गई। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि अगर पुलिस को सटीक जानकारी नहीं मिलती है कि वे कंटेनर में किस जगह छिपाए हैं पकड़ में नहीं आता है। हाईवे स्थित लोगों का कहना है कि पुलिस रात में गश्त नहीं करती है। कभी आ भी गई तो उनके सामने से ही वाहन निकल जाते हैं। उनको रोका नहीं जाता है।

नेपाल से लाते थे चरस, एक करोड़ रुपये का बरामद

पुलिस ने मादक पदार्थ में 22.15907 किलोग्राम चरस बरामद किया गया। जिसकी कीमत 1,21,87,488 रुपये थी। इसमें पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि वे चरस नेपाल से खरीद कर लाते थे। थोक रेट में 50,000 रुपये प्रति किलो लाकर उपभोक्ता के हाथ तक जाते हुए उसकी कीमत लाखों में हो जाती है। उन्होंने बताया कि कुछ जगह चरस को बाॅर्डर पार कराने के लिए वजन के अनुसार मोटी रकम देने पड़ती है।



बिहार से लेकर आते थे स्मैक



पुलिस ने 8042 ग्राम स्मैक बरामद किया। इसकी कीमत 80,42,000 रुपये थी। पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि बिहार, झारखंड से स्मैक खरीदकर लाते थे। उसको यूपी के कई जनपदों में सप्लाई करते थे।

आपस में ऑनलाइन करते हैं बात

पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया वह इस काम के लिए डायरेक्ट कॉल नहीं करते हैं। वह गूगल कॉल या किसी एप के माध्यम से बात करते थे। इसके लिए वह कोडिंग रखते थे। ताकि पुलिस को आसानी से चकमा दे सकें।



गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट में हुई कार्रवाई



गैँगेस्टर एक्ट में 15 केस दर्ज कर 47 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गुंडा एक्ट में चार पर कार्रवाई की गई। पांच हिस्ट्रीशीट खोली गई है।

पुलिस से बचने के लिए महिलाओं को रखते थे पास

पकड़े गए अभियुक्तों ने पुलिस से बताया कि वे लग्जरी वाहन से गांजा की सप्लाई करते हैं। पुलिस से बचने के लिए महिला को भी साथ में रखते हैं। ताकि पुलिस की चेकिंग में आसानी से निकल जाएं। चेक पोस्ट में वह महिला को अपनी पत्नी की तबीयत खराब बताते हुए निकल जाते हैं।



छोटे-छोटे पैकेट में रखकर सवारी गाड़ी का करते हैं प्रयोग



एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि छोटे-छोटे पैकेट में गांजा एक किलो का रखकर अभियुक्त सवारी गाड़ी से निकल लेते हैं। किसी झोले या बोरे में गांजा को आसानी से रख लेते हैं। पब्लिक के बीच से वह अपने लक्ष्य को अंजाम देना चाहते हैं।
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सटीक मुखबिरी पर मिलती है सफलता, नहीं तो हो जाते रफूचक्कर

कुशीनगर जनपद मादक पदार्थों का हब हो गया है। नेशनल हाईवे के रास्ते उड़ीसा से दिल्ली के लिए गांजा की सप्लाई की जा रही है। पुलिस को तभी सफलता मिल पाती जब सटीक मुखबिर पूरी जानकारी देता है। अधिकतर बार तो मुखबिर से केवल सूचना मिलती है। पुलिस चेकिंग करती है। उनके हाथ कुछ नहीं लगता है। दो मई को तरयासुजान थाना क्षेत्र के सलेमगढ़ टोल प्लाजा के पास झाड़ू से लदे कंटेनर में 102 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस सटीक जानकारी मिली थी कि चालक के पास एक गोपनीय केबिन है। उसी में गांजा रखा हुआ है। पकड़े गए दो अभियुक्तों ने बताया कि वह उड़ीसा से गांजा लेकर दिल्ली जा रहे थे। इसके लिए उनकेे एक खेप पहुंचाने के 50,000 रुपये मिले जाते थे। इस घटना को वह कई बार अंजाम दे देते थे।



वर्जन



मादक पदार्थ को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य थानों की पुलिस भी इस पर काम कर रही है।

-धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक
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