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कचहरी टोला और खैरखूंटा में गंडक का दबाव बरकरार

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कौआसार गांव के छावनी टोले के घरों में घुसा बारिश का पानी। - फोटो : KUSHINAGAR
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कचहरी टोला और खैरखूंटा में गंडक का दबाव बरकरार
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तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर बैराज से शनिवार की शाम को गंडक नदी में छोड़ा गया 1.42 लाख क्यूसेक पानी अब घट गया है। रविवार को सुबह यह 1.09 लाख क्यूसेक पर आ गया। फिर भी एपी बांध के कचहरी टोला में किलोमीटर 14.500 व खैरखूंटा में किलोमीटर 13.800 पर पानी का दबाव बना हुआ है। इन गांवों के लोगों का कहना है कि यदि गंडक के जलस्तर में उतार चढ़ाव का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो कभी भी कटान का खतरा बढ़ सकता है और बांध के साथ गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
सितंबर का आधा महीना बीत जाने के बाद भी गंडक नदी में डिस्चार्ज का सिलसिला अभी भी जारी है। शनिवार की शाम वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में लगातार कई घंटे तक 1.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि, रविवार को सुबह डिस्चार्ज घटकर 1.09 क्यूसेक पर पहुंच गया। फिर भी एपी बांध के खैरखूंटा में किलोमीटर 13.800 और कचहरी टोला में किलोमीटर 14.500 पर दबाव दिखने लगा। इन दोनों जगहों पर पानी का दबाव बढ़ने से कटान का खतरा मंडराने लगा है।
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कचहरी टोला के संजय सिंह, बलिस्टर सिंह, विश्वनाथ सिंह, डॉ. ब्रह्मा शर्मा, पप्पू सिंह और खैरखूंटा के प्रहलाद राम, भगवान पासवान, अच्छेलाल बैठा, रकटू राम आदि का कहना है कि यदि गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो गांव पर कटान का खतरा कभी भी बढ़ सकता है। यदि कटान शुरू हुई तो एपी बांध के साथ गांव की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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बाढ़ खंड तृतीय के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि डिस्चार्ज के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सभी संवेदनशील जगहों पर अभियंता निगरानी कर रहे हैं। बांध पूरी तरह सुरक्षित है।
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