महदेवा गांव में कटान करती गंडक।
- फोटो : KUSHINAGAR
गंडक की कटान ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
- दो करोड़ रुपये खर्च कर बने परक्यूपाइन कटान रोकने में विफल
- नदी का जलस्तर कम होने पर भी तेज होती जा रही कटान
खड्डा। गंडक नदी के किनारे बांध बनाने की जगह लगे परक्यूपाइन कटान रोकने नाकाम हैं। दो करोड़ रुपये की लागत से बने परक्यूपाइन भी महदेवा गांव को नदी की कटान से नहीं बचा पा रहा है। जलस्तर कम होने के बावजूद नदी की धारा तीन दिन से कटान करती हुई तूफानी के घर के पास पहुंच गई है। प्रशासन के निर्देश पर बोरी भरकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं।
खड्डा विकास खंड का महदेवा गांव तीन दिनों से गंडक के निशाने पर आ गया है। पानी कम होने के बाद भी नदी की धारा गांव की ओर कटान कर रही है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नथुनी कुशवाहा आदि का कहना है कि पनियहवा पुल से निकले ठोकर से लगभग दो किलोमीटर लंबा बांध बनाने की मांग ग्रामीणों ने की थी। लेकिन उनकी मांग पर ध्यान देने के बजाय करीब दो करोड़ रुपये का बजट खर्च कर परक्यूपाइन लगाया गया, जिससे कुछ दिनों तक राहत मिली थी। नदी की कटान के आगे इनकी उपयोगिता साबित नहीं हो पा रही है।
नदी की तेज धारा कटान करती हुई गांव के तूफानी, महावीर और साधु के घर के पास पहुंच गई है। इससे गांव के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है। विधायक विवेकानंद पांडेय और एसडीएम भावना सिंह के निर्देश पर बाढ़ खंड की ओर से बोरी और जाली डालकर कटान रोकने की कोशिश की जा रही है। इससे कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन कुमार का कहना है कि कटान रोकने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। नदी की धारा से गांव को बचाने की कोशिश जारी है।