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Kushinagar News: सामान्य स्थिति में आई गंडक, कटान थमा तो लोगों ने ली राहत की सांस

Mon, 07 Oct 2024 05:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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तमकुहीरोड। बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में कमी होने से कटान और रिसाव अब पूरी तक से बंद हो गया है। इससे तटबंध के किनारे बसे गांवों के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि अब अगले मानसून से पहले तटबंध पर सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत जरूरी हो गई है।
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वाल्मीकि नगर गंडक बैराज से पिछले एक दशक में इस साल सर्वाधिक 6.74 लाख क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज किया गया था। इससे नरवाजोत बांध से अहिरौलीदान तक और अहिरौलीदान से बिहार के विशुनपुर बांध तक नदी उफान पर आ गई थी। सर्वाधिक नुकसान नरवाजोत, जवही दयाल और विरवट कोन्हवलिया में तटबंध पर हुआ था। इसमें नरवाजोत के किमी 1.700 पर पांच करोड़ 83 लाख 56 हजार की लागत से बने ठोकर और उसके अप एंड डाउन स्ट्रीम में बने तटबंध को काफी क्षति पहुंचा। जबकि जवही दयाल के मुसहर बस्ती, जवही मलही में रिसाव और विरवट कोन्हवलिया में एपी बांध को क्षति पहुंचा। अब नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद कटान और रिसाव बंद हो गया है। इससे बांध की निगरानी में लगे बाढ़ खंड के अभियंताओं ने जहां राहत की सांस ली है तो वहीं एपी तटबंध के किनारे बसे गांवों के लोग भी चिंता से मुक्त हो गए हैं। विरवट कोन्हवलिया गांव के प्रधान प्रतिनिधि आनंद कुमार सिंह, दिनेश जायसवाल, रामजी निषाद, शैलेन्द्र सिंह, राहुल सिंह, अर्जुन मंडल, दशरथ दास, राहुल सिंह, ध्रुव निषाद का कहना है कि अब एपी तटबंध से बाढ़ व कटान का खतरा कम हो गया है। यदि इस साल के क्षतिग्रस्त हिस्सों को अगले मानसून से पहले दुरुस्त नहीं कराया गया तो आगे भी नदी कहर बरपा सकती है। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि आगामी मानसून सत्र के लिए बांध की सुरक्षा को लेकर कार्य प्रस्ताव तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
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