तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज सवा से डेढ़ लाख क्यूसेक के बीच बना हुआ है। विरवट कोन्हवलिया में गंडक नदी कटान करती हुई ठोकर नंबर चार के करीब पहुंच चुकी है। बांध पर बढ़ते खतरे को देखते हुए शुक्रवार की देर रात तक अभियंता मौके पर मुस्तैद रहे। गांव वालों का कहना है कि यदि शीघ्र कटान को रोक कर बांध को मजबूत नहीं किया गया तो कभी भी बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
गंडक नदी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव के चलते नरवाजोत स्थित ठोकर के नोज पर कटान का खतरा बना हुआ है। विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर चार (कट एंड टू बांध) पर भी कटान के खतरे से गांव के लोग चिंतित हैं। पिछले एक सप्ताह से कटान करती हुई, नदी फसलों और उपजाऊ जमीन को काटते हुए नुकसान पहुंचा रही है। लोगों को इस बात की भी चिंता है, कि पिछले एक सप्ताह से यहां कटान जारी है। अब तो नदी बांध के स्लोप में भी घुस चुकी है। शुक्रवार देर रात तक तटबंध पर जेई चंदप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव अभियंता मुस्तैद रहे। क्षेत्र के सहदेव चौहान, गौतम सिंह, ओमप्रकाश सिंह, हरकेश कुशवाहा आदि का कहना है कि बांध की मजबूती पर ही कई गांवों की सुरक्षा निर्भर करती है। इस संबंध में एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि बचाव कार्य की शुरुआत कर दी गई है। संवेदनशील जगहों पर पैनी नजर रखी जा रही है।