पडरौना। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र पोखरा में मूसलधार बारिश के कारण बड़ी गंडक नदी फिर उफना गई है। गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।शनिवार की सुबह से वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से लगातार पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। 6.48 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज से खड्डा से लेकर तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के तटबंधों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। खड्डा के भैंसहा गेज पर नदी खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर बह रही है।
खड्डा तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। डुग्गी-मुनादी करा तहसील प्रशासन की ओर से गांवों को खाली करने की अपील की जा रही है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के नरवाजोत से अहिरौलीदान तक एपी तटबंध पर भी नदी का दबाव बढ़ गया है। नोनियापट्टी व कचहरी टोला के लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोग पलायन की तैयारी में जुट गए हैं।
शनिवार की सुबह नेपाल के देवघाट से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। यह पानी जब वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर पहुंचा तो बैराज पर दबाव बढ़ने लगा। अभियंताओं ने सभी 36 फाटकों को तीन से चार फीट तक उठा दिया। बड़ी गंडक नदी में 6.48 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इससे नदी उफान पर आ गई। खड्डा रेताक्षेत्र के शिवपुर, मरिचहवा, बसंतपुर, शाहपुर समेत आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग सुरक्षित जगह की तलाश में जुट गए हैं। घरों में पानी घुस जाने के कारण लोग ऊंचे मचान पर सामान रखकर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, बारिश के चलते छितौनी तटबंध के लक्ष्मीपुर पड़रहवा व भैसहा गांव के सामने कई जगहों पर बड़े-बड़े रेनकट बन गए हैं। इससे तटबंध पर भी संकट मंडरा रहा है। गंडक के जलस्तर में वृद्धि की जानकारी के बाद तहसील प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों पर अफसर नजर रख रहे हैं। राजस्वकर्मियों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ खंड के अभियंता तटबंधों की निगरानी में जुट गए हैं।
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डिस्चार्ज छह लाख के पार जाने की संभावना :
वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर दबाव बढ़ने के बाद गंडक नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार की शाम तक 4.74 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज किया जा चुका था। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के अभियंताओं का कहना है कि डिस्चार्ज अभी और बढ़ने की आशंका है। छह लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन के अलावा सिंचाई विभाग भी सक्रिय हो गया है। बाढ़ प्रभावितों के भोजन व उनके ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
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एक गांव से दूसरे गांव का संपर्क टूटा :
खड्डा। रेताक्षेत्र के मरिचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, महदेवा, सालिकपुर व विंध्याचलपुर गांवों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सड़कों पर पानी भर जाने से छोटी नाव चलाई जा रही है। एक गांव से दूसरे गांवों का संपर्क टूट गया है। लोग नाव से आने-जाने को मजबूर हैं। मरिचहवा के दक्षिण टोला व बसंतपुर में हालात काफी खराब हैं। लोग सामान को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। सोलर लाइट के भरोसे लोग रात गुजार रहे थे, लेकिन बारिश के कारण यह भी काम नहीं कर रहा है। मोबाइल चार्ज नहीं होने के कारण लोगों का आपस में संपर्क नहीं हो पा रहा है। महिलाओं, बुजुर्ग, बच्चों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
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शौच और पेयजल की समस्या गहराई, चारे का भी संकट
खड्डा। बाढ़ के कारण हैंडपंप भी डूब गए हैं। पेयजल की समस्या के साथ नित्य कर्म में भी दिक्कत हो रही है। पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों का कहना है कि उनके सामने भोजन-पानी की भी समस्या उत्पन्न हो गई है। मवेशियों को बाढ़ के पानी में खड़ा करना पड़ा है। तहसील प्रशासन की ओर से डुग्गी-मुनादी तो कराई गई है, लेकिन इन समस्याओं के प्रति अफसर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। मरिचहवा के ग्राम प्रधान इजहार का कहना है कि स्थिति काफी खराब है। गांव में पानी भरने से लोग दुश्वारियां झेल रहे हैं। महराजगंज जिले के सोहगीबरवा गांव में ऊंचे स्थान पर भोजन बनवाने की व्यवस्था की जा रही है। वहां से नाव के जरिए पैकेट मंगाकर यहां के लोगों के घरों तक पहुंचाने की कवायद की जा रही है। पानी लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में दुश्वारियां और बढ़ने की आशंका है।
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नरवाजोत से अहिरौलीदान तक दबाव, अभियंताओं ने शुरू की निगरानी
तमकुहीरोड। बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि से नरवाजोत से अहिरौलीदान तक एपी तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। इससे तटबंधों के किनारे बसे गांवों के लोग बाढ़ व कटान की चिंता से सहम गए हैं। उनका कहना है कि गंडक के उफान से बांध को नुकसान पहुंचता है तो तबाही मच जाएगी। हालांकि, बाढ़ खंड के अभियंताओं ने तटबंधों पर निगरानी तेज कर दी है।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत से अहिरौलीदान तक बड़ी गंडक नदी 17.5 किलोमीटर में बहती है। जलस्तर बढ़ने से नरवाजोत से अहिरौलीदान तक के अधिकतर ठोकरों व तटबंधों से नदी टकराने लगी है। यह खतरे का संकेत है। विरवट कोन्हवलिया में ठोकर नंबर-चार कट एंड वन से लेकर कट एंड टू बांध पर नदी टकराने से तटबंधों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। बीते दिनों नदी इसी जगह पर तबाही मचा चुकी है। नरवाजोत में किमी 1.700 पर निर्मित ठोकर नदी के निशाने पर है। इसी तरह एपी तटबंध के किमी 1.400, किमी 2.800, किमी 3.050, किमी 3.500, किमी 4.500, किमी 7.000, किमी 10.518 और किमी 14.500 पर भी ठोकरों व तटबंधों पर भी नदी की धारा टकरा रही है।
तटबंध के किनारे बसे गांव नरवाजोत, घघवा जगदीश, जवही दयाल, मुसहर टोली, विरवट कोन्हवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, कचहरी टोला के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य सुधीर उर्फ शर्मा यादव, पुजारी सिंह, प्रभुनाथ यादव, बृजकिशोर साहनी, गौतम सिंह, अर्जुन मंडल, प्रदीप सिंह आदि का कहना है कि ऐसी स्थिति में तटबंधों व ठोकरों को नुकसान पहुंचता है तो नदी भारी तबाही मचा सकती है। हालांकि, इस खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंता सतर्क हो गए हैं। एसडीओ रमेश यादव की अगुवाई में जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव, जेई विनोद शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद तटबंधों की निगरानी में जुटे हुए है। इस संबंध में एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि तटबंधों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है और हर स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। फिलहाल बांध पर दबाव तो है, लेकिन वह पूरी तरह से सुरक्षित है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
नौका टोला की सड़क पर जलभराव
नगर के नौका टोला की सड़कों पर दो से तीन फुट तक पानी भी गया है। मोहल्ले के लोगों को घर से निकलना दूभर हो गया। मोहल्ला के निवासी राम विश्वकर्मा और गुडन मोदनवाल ने बताया कि जब भी बारिश होती है। अंबेडकर नगर (नौटा टोला) की सड़कों पर दो से तीन फुट पानी भर जाता है। जिनके घर सड़क के बराबर है, उनकी घर में पानी लग जाता है। कमरे में चौकी बिछाकर उस पर भोजन बनाना पड़ता है। यदि बारिश के पूर्व नगर पालिका की तरफ से मोहल्ले की नालियों की सफाई हो जाती तो लोगों को इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
बाजार की सड़कों पर पानी
लक्ष्मीगंज। बृहस्पतिवार की रात से हो रही बारिश से बाजार की सड़क और मोहल्लों में पानी एकत्र हो गया है। बाजार के बस स्टैंड काॅलोनी, रेलवे स्टेशन मार्ग, अमरचंद काॅलोनी, रामबाग मार्ग आदि स्थानों पर बारिश का पानी एकत्र होने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। ओंकार अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, राहुल उपाध्याय, मुरारी वर्मा, मिथिलेश मिश्रा, अनिल मद्धेशिया, विकास मौर्य, संजय जायसवाल आदि ने बताया कि लगातार बारिश होने से मोहल्ले की सड़कों पर पानी एकत्र होने से लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति
तमकुहीराज/ मंसाछापर। बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से तमकुहीराज के बिजली घर में पानी भर गया। इसके चलते से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। बिजली निगम के कर्मचारी पपिंग सेट से पानी निकलाने में जुटे रहे। बीते कई घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों के घर में लगे इंन्वर्टर और अन्य बिजली के उपकरण कार्य करना बंद कर दिए हैं। इसी तरह मंसाछापर क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। मनिकौरा उपकेंद्र से जुड़े 40 से अधिक गांव में फाल्ट के चलते बीते 18 घंटे से बिजली ठप है। उधर जरार उपकेंद्र से जुड़े कुछ गांव में भी बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई है।
बारिश की वजह से मनिकौरा उपकेंद्र से जुड़े गांव में शुक्रवार की शाम करीब छह बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। देर रात कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन फिर कहीं फाल्ट होने के कारण पूरी रात से लेकर शनिवार की दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। करीब डेढ़ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई, तो महज आधा घंटा बाद फिर गायब हो गई।
बारिश से उफनाई गांव की पोखरी
उजारनाथ। क्षेत्र के चन्द्रौटा, सिंदुरिया, मोगलपुरा, जवार भैंसहा, सपही व करमैनी आदि गांव में कुछ लोगों के घरों में पानी घुस गया है। भेलया जाने वाली सड़क ओवरफ्लो हो गई रही है। पटहेरिया गांव की पोखरी उफनाने से पूर्व प्रधान शम्भूनाथ तिवारी और राकेश तिवारी के घर में पोखरी का पानी घुस गया है। योगेश गुप्ता, रफीक अली, विनय श्रीवास्तव, फिरोज खां, अनिल गुप्ता, इंद्रजीत कुशवाहा, जयचंद कुशवाहा, राजेश यादव, रामप्रवेश शर्मा आदि ने बताया कि गांव में जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। तमकुही बीडीओ अनिल कुमार राय ने बताया है कि हर ग्राम पंचायत में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने का निर्देश प्रधान व सचिव को दिया गया है। जहां समस्या उतपन्न हुई है। उसे ठीक कराया जाएगा।
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सड़क पर गिरा पेड़, आवागमन रहा बाधित
तुर्कपट्टी। शनिवार की सुबह छहूं-जोकवा नहर मार्ग पर झनकौल गांव के पास यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया। इसके चलते इस मार्ग पर घंटों आवागमन बाधित रहा।