तमकुहीरोड। नरवाजोत बांध पर कटान का खतरा टला नहीं कि एपी बांध पर जवही दयाल गांव के सामने भी गंडक नदी का दबाव बढ़ने लगा है। नदी बांध के समीप कटान करने लगी है। बाढ़ खंड के अभियंता बचाव कार्य में जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि डिस्चार्ज बढ़ा तो एपी तटबंध के कई संवेदनशील स्थानों पर खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने सभी जगहों पर बांध सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है।
एक पखवारे से नरवाजोत बांध पर गंडक नदी का दबाव है। यही नहीं, नरवाजोत के किमी 1.700 पर बने ठोकर के साथ डाउन व अप स्ट्रीम के क्षेत्र में भी काफी नुकसान हो चुका है। बाढ़ खंड भी उसकी सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है और किसी भी कटान के खतरे की चुनौती से निपटने के लिए बोल्डर व मिट्टी से भरी बोरियों का स्टॉक कर रखा है।
इसी क्रम में बांध सुरक्षा को लेकर एसडीओ रमेश यादव, जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा और जेई रामचंद्र प्रसाद ने शनिवार को एप बांध के कचहरी टोला में किमी 14.500, बाक खाश में किमी 10.518, विरवट कोंन्हवलिया में किमी 8.200, जवही दयाल में किमी 4.500 व किमी 3.500, नरवाजोत में किमी 1.700 पर के सभी संवेदनशील स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें जवही दयाल के पास बांध के समीप पहुंच कर कटान करती गंडक नदी का भी निरीक्षण किया।
इस क्षेत्र के प्रधान प्रतिनिधि आनंद कुमार सिंह, अर्जुन मंडल, गौतम सिंह, बृजकिशोर साहनी, शैलेन्द्र चौहान, राजेश मंडल आदि का कहना है कि इस क्षेत्र में भी गंडक नदी बांध की तरफ कटान करती हुई तेजी से आ रही है। यदि समय रहते हुए यहां नदी के कटान को रोकने और बांध सुरक्षा के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो एपी बांध के साथ मुसहर टोला, ततवा टोला, चैनपट्टी के साथ कई गांवों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
इस संबंध में एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि बांध की सुरक्षा को लेकर विभाग गंभीर है और बचाव कार्य की तैयारी में जुटा हुआ है। फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है।