तमकुहीरोड। जलस्तर घटने के बाद गंडक नदी तेवर में आ गई है। नरवाजोत बांध और ठोकर नदी के निशाने पर हैं। चीफ इंजीनियर के निर्देश के बाद बाढ़ खंड अब बोल्डरों के सहारे नरवाजोत में किमी 1.700 पर नव निर्मित ठोकर के साथ बांध को नदी के कटान से बचाने में जुट गया है। सोमवार को ठोकर के नोज को बचाने के लिए बोल्डर गिराए जाने लगे। वहीं, बांध के किनारे भी बोल्डर का कार्य शुरू हो गया है। इससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोकर के साथ बांध की सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया तो डिस्चार्ज बढ़ने पर स्थिति भयावह हो सकती है।
नरवाजोत में किमी 1.700 पर बना ठोकर और बांध पिछले एक पखवाड़े से गंडक नदी के निशाने पर है। इससे ठोकर व बांध के साथ किनारे बसे घनी आबादी वाले नरवाजोत, दहारी टोला, बुटन टोला, मोतीराय टोला, तवक्कल टोला, शिव टोला, चौकी टोला, हनुमान टोला, मुसहर टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला समेत पिपराघाट के अन्य कई गांवों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। हालांकि, बाढ़ खंड के अभियंता दिन-रात एक कर कटान को रोकने में जुटे हुए हैं। बीते शुक्रवार की रात में अचानक कटान तेज हो जाने से ठोकर का नोज धंस गया। वहीं, बांध के किनारे बैकरोलिंग करती नदी से बांध के कटने का खतरा भी बढ़ गया था। इसकी सूचना मिलने के बाद एक्सईएन, एसडीओ समेत सभी अभियंता रात में बांध पर पहुंच गए थे और रात में हीबचाव कार्य शुरू करना पड़ा था। रविवार की शाम चीफ इंजीनियर विकास सिंह, एसी जेपी सिंह और एक्सईएन एमके सिंह भी बांध पर पहुंचे और नरवाजोत में नदी के कटान को ठोकर व बांध की सुरक्षा के लिए खतरनाक बताते हुए बचाव कार्य को बोल्डर से कराए जाने का निर्देश दिया था। इसका असर सोमवार से दिखना शुरू हो गया है। बोल्डर लदे ट्रकों की आवक शुरू हो गई है। इसके साथ ही ठोकर के अप स्ट्रीम में लगभग 200 मीटर के दायरे में बांध-सड़क के करीब पहुंच चुकी नदी से बांध को बचाने की कोशिशें तेज हो गईं हैं। बोल्डर से बचाव कार्य शुरू हो जाने पर गांव वालों ने जहां राहत की सांस ली है तो वहीं ग्राम प्रधान रामजी निषाद, जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, कैलाश सिंह, सरल शर्मा आदि का कहना है कि बरसात अभी बाकी है। ऐसे में शीघ्र खतरे पर अंकुश नहीं लगाया गया तो डिस्चार्ज बढ़ने पर पुनः खतरा बढ़ सकता है। सोमवार को जारी बचाव कार्य के दौरान बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव, जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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रौद्र रूप में आई गंडक को शांत करने के लिए किया पूजन-अर्चन
नरवाजोत में बांध व ठोकर की सुरक्षा को लेकर बाढ़ खंड के अभियंता कई दिनों से दिन-रात एक किए हुए हैं। जब भी किसी खतरे का अंदेशा गांव वालों को होता है तो वे बाढ़ खंड के अभियंताओं और तहसील प्रशासन को मोबाइल पर इसकी सूचना देते हैं। इसके बाढ़ खंड के अभियंता व राजस्वकर्मी पहुंचते हैं। रविवार की शाम जब चीफ इंजीनियर विकास सिंह, एसी जेपी सिंह व एक्सईएन एमके सिंह पहुंचे तो पहले मुआयना कर बोल्डर से बचाव कार्य कराए जाने का निर्देश दिया। इसके बाद वहां देर शाम पूजा-पाठ की सामग्री मंगाई गई। गंडक नदी के किनारे हवन-पूजन व नारियल फोड़ कर नदी की शांति के लिए प्रार्थना की गई।