खड्डा। गैनही ड्रेन में पानी के दबाव से मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की पटरी बुधवार की सुबह गैनही जंगल गांव के पास टूट गई। ड्रेन का पानी तेजी से नहर में गिर रहा है। नहर की पटरी से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। महराजगंज सिंचाई विभाग की ओर से टूटी हुई पटरी पर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे महराजगंज व कुशीनगर की सीमा पर खड्डा क्षेत्र में गैनही जंगल गांव के बुढवा टोला के समीप मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की एक तरफ की पटरी टूट गई और उसमें गैनही ड्रेन का पानी जाने लगा। पटरी टूटने से करीब 30 मीटर तक की मिट्टी बह गई। वर्तमान में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर में पानी नहीं है। बताया जा रहा है कि नहर में पानी न होने व गैनही ड्रेन में भरपूर पानी से पटरी में रिसाव होने लगा। पानी के दबाव से नहर की पटरी टूट गई।
नहर पटरी के रास्ते पडरौना से खड्डा होते हुए लोग महराजगंज व नेपाल सीमा के झुलनीपुर तक आते-जाते हैं। पटरी टूटने से यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। हालांकि, पटरी टूटने से गांव व फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। गांव के सुदर्शन शर्मा, आनंद सिंह, निर्मल, वशिष्ठ यादव, फूलपति, रीता, पानमति, आरती, सरली, संजय आदि ने बताया कि पहले भी नहर की पटरी टूट चुकी है। सिंचाई विभाग की ओर से अगर निगरानी की गई होती तो रिसाव का पता पहले ही लग जाता और समय रहते मरम्मत भी कराया जा सकता था।
मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के रख-रखाव की जिम्मेदारी कुशीनगर जिले में खड्डा क्षेत्र तक महराजगंज सिंचाई विभाग की है। सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग की ओर से नहर की पटरी पर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है। मौके पर तहसीलदार खड्डा महेश कुमार, महराजगंज के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार वर्मा, सहायक अभियंता इमरान आलम कैम्प कर रहे हैं। तहसीलदार ने बताया बंधे पर कैंप किया जा रहा है। आवागमन व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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पहले भी छितौनी बांध व नहर की पटरी को तोड़ चुकी है गैनही ड्रेन
नेपाल सीमा के पास से महराजगंज की सीमा में मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के बाई तरफ बरसाती ड्रेन बहती है, जो कुशीनगर सीमा में पहुंचने पर छितौनी तटबंध व नहर पटरी के बीच से गुजरते हुए खड्डा क्षेत्र के तुर्कहा नाले से नौतार तटबंध के आगे गंडक नदी में मिल जाती है। इसका नाम अलग-अलग क्षेत्रों में बदलता रहता है। गैनही गांव के पास इसे गैनही ड्रेन कहा जाता है। पिछले बरसात में गंडक नदी में पानी अधिक होने व ड्रेन में पानी कम होने से हुए रिसाव से छितौनी तटबंध किलोमीटर 0.200 पर टूट गया था। इसके पहले भी ड्रेन के चलते बांध टूट चुका है। ड्रेन की वजह से नहर की पटरी लगभग तीन बार टूट चुकी है।
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विधायक खड्डा ने जताई नाराजगी
गैनही जंगल गांव के पास नहर की पटरी टूटने की सूचना पर पहुंचे खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं पर नाराजगी जताई। कहा कि समय रहते यदि निगरानी की गई होती तो आज नहर की पटरी नहीं टूटती और लोगों को आवागमन के लिए परेशान नहीं होना पड़ता। कहीं न कहीं अभियंता इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने अभियंताओं से शीघ्र मरम्मत कार्य को पूरा किए जाने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर इस कार्य में लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह पत्र लिखेंगे।