पडरौना। व्हाट्सएप नंबर पर लिंक भेजकर ऑनलाइन कंपनी से रुपये कमाने का झांसा देकर जालसाज ने युवक के 10.88 लाख रुपये ठग लिए। जालसाज के चार अलग-अलग बैंक अकाउंट में युवक ने रुपये भेजे है। पांच लाख रुपये और मांगने पर युवक को ठगी का अहसास हुआ और पुलिस से शिकायत की। मामले की जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश शुरू कर दी है।
कसया नगर के एकडेरवा अव्वल गांव निवासी बृजेश कुमार शर्मा के मोबाइल फोन पर छह माह पहले एक अंजान नंबर से व्हाट्सएप नंबर पर लिंक आई। इसके जरिए बृजेश और जालसाज के बीच बातचीत शुरू हुई। जालसाज ने खुद को एक कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी नए यूट्यूबर चैनल के प्रमोशन का काम करती है। कंपनी की ओर से मिले यूट्यूब लिंक को खोलकर वीडियो और कंटेंट को देखना और सब्सक्राइब करना होता है। इसके एवज में रुपये मिलने की बात कही।
युवक जालसाज के झांसे में आ गया और तीन माह बाद बीस लाख नकद इनाम कंपनी की ओर से देने की बात कही। इस लालच में आकर युवक ने जालसाज के अलग-अलग बैंक अकाउंट में 10.88 लाख रुपये भेज दिया। जब युवक बीस लाख रुपये के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो जालसाज पांच लाख रुपये की और मांग करने लगा। इसके बाद युवक को ठगी का अहसास हुआ। जालसाज का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हो गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की।
पुलिस केस दर्ज कर साइबर थाने की पुलिस की मदद से मामले की जांच में जुट गई है। सूत्रों की मानें तो जालसाज कंपनी का फर्जी लिंक व्हाट्सएप पर भेजकर कई युवकों से ठगी की है। पुलिस की जांच में ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं। इस बाबत कसया सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर साइबर थाने की पुलिस की मदद से जालसाज तक पहुंचने की कोशिश पुलिस की टीम कर रही है। लोगों को भी मोबाइल के टैक्स्ट मैसेज या व्हाट्सएप पर आने वाली अनजान लिंक से सतर्क रहना होगा।