- तीन-तीन साल कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की भी सुनाई गई सजा
- पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामधारी गुप्ता भी थे आरोपी, मुकदमे के विचारण के दौरान हो चुकी है मौत
- वर्ष 1994 से तत्कालीन बीडीओ पर हत्या के प्रयास का चल रहा था मुकदमा
कुशीनगर। विशुनपुरा ब्लॉक के बीडीओ पर 1994 में प्राणघातक हमला के आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे ओम प्रकाश गुप्ता सहित चार लोगों को सजा सुनाई गई। मंगलवार को एडीजे कोर्ट ने चारों आरोपियों को तीन-तीन साल के कारावास व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में आरोपी रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामधारी गुप्ता की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता महेंद्र गोविंद राव ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुकदमे के वादी विशुनपुरा ब्लॉक के तत्कालीन बीडीओ रामजनक राम ने विशुनपुरा थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 22 सितंबर 1994 को सुबह 9:55 बजे उनके आवास पर तत्कालीन ब्लाॅक प्रमुख रामधारी गुप्ता और उनके पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता 150 लोगों के साथ गोलबंद बदमाशों के साथ पहुंचे थे, जो शराब के नशे में धुत्त थे। आरोप था कि आवास में घुसकर गाली देते हुए प्राणघातक हमला कर दिए। इसकी सूचना तत्कालीन डीएम और सीडीओ को दिए थे। इसे बाद तहरीर के आधार पर केस दर्ज करने के लिए जटहां बाजार के तत्कालीन थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मारपीट, धमकी देने सहित अन्य आरोपों के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी रामधारी गुप्ता, उनके पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता, सहयोगी उमाशंकर मिश्र, नंदलाल और सुभाष निवासी बबुइया कोतवाली पडरौना के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मुकदमे में मंगलवार सजा सुनाई गई। रामधारी गुप्ता की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के बारे में सुनवाई हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट कुशीनगर सुनील कुमार यादव ने साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद अभियुक्तों को तीन-तीन साल कारावास व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।