महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की मंजूरी
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फरवरी माह में पेश हुए बजट में जिले में महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की मंजूरी मिली थी। बुधवार को हुई बैठक में प्रदेश के कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। अब कुशीनगर जिले में महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी के हाथों जुलाई माह में होने की संभावना जताई जा रही है। एक कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी इसके बारे में संकेत दिए हैं।
कुशीनगर समेत गोरखपुर और बस्ती मंडल के सभी सात जिलों में गन्ना, हल्दी और सब्जी की खेती बहुतायत में होती है। यह क्षेत्र कृषि का हब माना जाता है। ऐसे में अब शिक्षार्थियों को कृषि शिक्षा के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। कुशीनगर जनपद में बहुत से लोग कृषि पर निर्भर हैं।
जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़े कई इलाके आज भी पिछड़े क्षेत्रों में शुमार है, लेकिन किसान इस पिछड़े क्षेत्र की धरती से भी सोना उगलवाने का दमखम रखते हैं। यहां के किसान बालू के टीले पर सागौन उगाकर और लीक से हटकर खेती से यह साबित भी कर रहे हैं। गन्ना बहुलता वाला जिला मूल रूप से कृषि पर आधारित है। यहां के युवा कृषि पर शोध और शिक्षा के लिए दूर जाते रहते थे। मंगलवार की दोपहर अपर मुख्य सचिव कृषि एवं कृषि अनुसंधान डॉ. देवेश चतुर्वेदी के साथ डीएम रमेश रंजन ने गाजीपुर स्थित फार्म सहित तीन जगहों पर निरीक्षण कर कृषि और प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय की संभावना तलाशी है। इसके एक दिन बाद ही प्रस्ताव पास होने से संभावना जताई जा रही है कि कुशीनगर की धरती अब विश्व पटल पर आगे बढ़ेगी।