तमकुहीराज। लोगों की कमाई लेकर चंपत हुईं निजी कंपनियों के विरोध में पूर्व जिला पंचायत सदस्य मंगलवार को परिवार के साथ तहसील में धरने पर बैठ गए। वे लोगों की जमा धनराशि का एकमुश्त भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से किस्त में दस-दस हजार रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
तमकुहीराज तहसील में पत्नी भगवती देवी और बेटा सूरज प्रकाश तिवारी के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे जगदीशपुर निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामाधार तिवारी का कहना है कि निजी कंपनियों ने लोगों को सब्जबाग दिखाकर उनके रुपये जमा कराए हैं। शर्तों के अनुसार, समय पूरा होने के बाद भुगतान करने के बजाए कंपनियां लापता हो गईं। कुछ कंपनियों पर सरकार की ओर से शिकंजा कसा गया है। इसके बावजूद भुगतान नहीं हो रहा है। कुशीनगर जिले से करोड़ों रुपये हड़पने वाली निजी कंपनियों से एकमुश्त भुगतान कराया जाए। रुपये नहीं मिलने के कारण कई लोगों की हार्टअटैक से मौत हो चुकी है और कई परिवार बिखर चुके हैं। उन्होंने मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने की चेेतावनी दी। इसकी प्रतिलिपि रजिस्टर्ड डाक से मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, सहकारिता मंत्री और सीएम को भेजी है।
तमकुहीराज के एसडीएम विकास चंद ने बताया कि बगैर अनुमति पूर्व जिला पंचायत सदस्य परिवार के साथ परिसर में धरना दे रहे हैं। इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।