पडरौना। दिल्ली से मुजफ्फरपुर जाने वाली सप्तक्रांति सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार को कोहरे की वजह से 3:20 घंटे बिलंब से पहुंची। मोतीहारी से दिल्ली जाने वाली चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस 7:36 घंटे विलंब से पहुंची। इसी तरह कामाख्या माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस एक घंटा विलंब रही। बांदा से बरौनी जाने वाली अवध एक्सप्रेस भी आधा घंटा देर से पहुंची। इस वजह से प्लेटफार्म पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों को ठंड में परेशान होना पड़ा। उधर, कप्तानगंज-थावे रूट पर 15 व 16 जनवरी से चलने वाली गोमतीनगर-छपरा कचहरी एक्सप्रेस ट्रेन अब 22 जनवरी तक निरस्त कर दी गई है। रोडवेज की बसें भी तीन से चार घंटे विलंब से चल रही हैं।
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चार घंटे विलंब से पहुंची बस, ठंड में परेशान हुए यात्री
पडरौना डिपो पर तैनात बस स्टेशन प्रभारी नुरलैन अंसारी ने बताया कि कोहरे की वजह से सभी बसें तीन से चार घंटे विलंब से चल रही हैं। पडरौना डिपो की दो राजधानी एक्सप्रेस बसें संचालित होती हैं। लखनऊ से चलकर पहली बस सुबह चार बजे पडरौना पहुंचती है, लेकिन यह बस दो घंटे लेट आई है। इसी तरह दूसरी राजधानी बस सुबह पांच बजे आनी चाहिए, लेकिन यह बस सुबह 11 बजे पहुंची है। इसके अलावा विकास नगर डिपो की बस सुबह पांच बजे के जगह नौ बजे, उन्नाव डिपो की बस सुबह चार बजे के सुबह आठ बजे, हमीरपुर डिपो की बस सुबह सात बजे के बजाय सुबह 11 बजे और आलमबाग डिपो की बस सुबह साढ़े चार बजे के बाद सुबह सात बजे पहुंची है।
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यात्रियों को प्लेटफार्म पर घंटों करना पड़ा ट्रेन का इंतजार
कप्तानगंज। कोहरे के चलते ट्रेन विलंब से पहुंच रही हैं। यात्रियाें को घंटों ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को मकर संक्रांति के चलते स्टेशन पर अधिक भीड़-भाड़ रही। सत्याग्रह एक्सप्रेस सात घंटे, सप्तक्रांति सुपरफास्ट ट्रेन तीन घंटे और कामाख्या श्रीमाता देवी वैष्णो देवी एक्सप्रेस करीब तीन घंटे विलंब से पहुंची।
कप्तानगंज रेलवे जंक्शन होने के कारण यहां से गोरखपुर, नरकटियागंज और थावे रूट की ट्रेनों का संचालन होने के साथ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, मुजफ्फरपुर, लखनऊ, कानपुर, कोटा, जम्मूतवी सहित अन्य शहरों के लिए ट्रेनों का संचालन होता है। कोहरा के चलते लंबी दूरी की ट्रेनों विलंब से पहुंची रही हैं। इसके चलते यात्रियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। मकर संक्रांति के चलते रेलवे स्टेशन पर अधिक भीड़ रही और सर्द हवा और गलन के चलते यात्री ठिठुरे दिखाई दिए।
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विलंब से पहुंचीं ये ट्रेनें
- सप्तक्रांति सुपरफास्ट जो दिल्ली से मुजफ्फरपुर को जाती है। वह अपने निर्धारित समय 4:38 बजे से तीन घंटे पंद्रह मिनट बिलंब से पहुंची।
- सत्याग्रह एक्सप्रेस जो बापूधाम मोतिहारी से दिल्ली को जाती है। वह अपने निर्धारित समय 1:15 बजे से सात घंटे तीस मिनट विलंब से पहुंची।
-सवारी गाड़ी जो गोरखपुर से नरकटियागंज को जाती है, वह अपने निर्धारित समय 8.05 बजे से पचास मिनट विलंब से पहुंची
- सत्याग्रह एक्सप्रेस जो दिल्ली से रक्सौल को जाती है। वह अपने निर्धारित समय 11:25 बजे से तीस मिनट विलंब से पहुंची।
- अवध एक्सप्रेस जो बांद्रा से बरौनी को जाती है। वह अपने निर्धारित समय 12:20 बजे से तीस मिनट विलंब से पहुंची।
- कामाख्या श्रीमाता वैष्णो देवी एक्सप्रेस जो कामाख्या से वैष्णो देवी जाती है। वह अपने निर्धारित समय 12:40 बजे से तीन घंटे विलंब से पहुंची।
- जननायक एक्सप्रेस जो अमृतसर से दरभंगा को जाती है। वह अपने निर्धारित समय 5:23 बजे से दो घंटे तीस मिनट विलंब से पहुंची।
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22 जनवरी तक निरस्त रहेगी गोेमतीनगर-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन
तमकुहीरोड। कप्तानगंज थावे रेलमार्ग पर चार जनवरी से 15 जनवरी तक निरस्त 15113/15114 गोमतीनगर छपरा कचहरी एक्सप्रेस ट्रेन अब 22 जनवरी तक निरस्त रहेगी। पूर्वोत्तर रेलवे ने बाराबंकी-अयोध्या-शाहगंज और जाफराबाद रेलमार्ग पर जारी यार्ड रिमॉडलिंग व दोहरीकरण कार्य को लेकर इसके निरस्तीकरण की अवधि दूसरी बार बढ़ाते हुए 16 जनवरी से 22 जनवरी तक कर दी है। कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर कोहरे को लेकर पहले ही पूर्वोत्तर रेलवे ने सुबह पांच बजे नकहा जंगल से सिवान तक और शाम में सात बजे सिवान से नकहा जंगल तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन और सुबह साढ़े पांच बजे थावे से कप्तानगंज तक और दिन में दस बजे कप्तानगंज से थावे तक नियमित चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 29 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। इसी तरह भोर में गोरखपुर से पाटलिपुत्र और रात में पाटलिपुत्र से गोरखपुर तक चलने वाली मेल पैसेंजर ट्रेन को भी 29 फरवरी तक के लिए फेरा घटाकर सप्ताह में मात्र तीन दिन कर दिया गया है। सिवान से गोरखपुर और गोरखपुर से सिवान तक चलने वाली डेमू ट्रेन भी निरस्त है। पूर्वोत्तर रेलवे ने इस रूट पर छपरा कचहरी से नियमित चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को 14 जनवरी तक के लिए और गोमतीनगर से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को 15 जनवरी तक के लिए निरस्त कर दिया था। इसकी अवधि पूर्वोत्तर रेलवे ने दोबारा बढ़ा कर 22 जनवरी तक कर दी है।