15 जून से शुरू होने वाले मानसून सत्र की उल्टी गिनती शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। 15 जून से शुरू मानसून सत्र शुरू हो जाता है। इसको देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बचाव कार्य के लिए चल रही परियोजनाओं को पूरा कराने में तेजी दिखाई है। पिछले वर्ष मानसून शुरू होने के साथ ही गंडक नदी में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया था। इसको देखते हुए बचाव कर्मी हर हाल में निर्माण कार्य समय से पूरा करने में लगे हैं।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत बांध से अहिरौलीदान तक लगभग 17 किलोमीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती है। मानसून सत्र में बांध और बांध के किनारे बसे गांव की सुरक्षा के लिए काफी खतरनाक मानी जाती है। कई बार गंडक नदी के प्रवाह के चलते बांध टूटने का खतरा बना रहता है।
इसीलिए बांध की सुरक्षा को लेकर शासन ने नरवाजोत, घघवा जगदीश, जवही दयाल, बाक खाश गांव के पास एपी बांध पर ठोकर की पुनर्स्थापना के साथ रिवेटमेंट व परक्यूपाइन लगाने के कार्य की मंजूरी दी है। कुछ दिन पहले कुशीनगर के डीएम, एडीएम, सीडीओ व एसडीएम ने निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता व धीमी गति को लेकर नाराजगी जताते हुए सभी परियोजनाओं का कार्य 15 जून के पहले पूरा कराने की हिदायत दी थी। अधिकारियों की नाराजगी के बाद विभाग के अधिकारी गंभीर हो गए हैं।
इस संबंध में बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि सभी जगहों पर परियोजना का कार्य अंतिम दौर में है। किसी प्रकार के खतरे से निपटने के लिए सभी संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर रखी जा रही है।