पडरैना। परिवहन निगम की तरफ से पडरौना डिपो में लगातार बसों की संख्या में इजाफा किया जा रहा, बावजूद डिपो में पांच से छह बसें हर रोज डिपो में ही खड़ी रहती है। विभिन्न रूटों पर चालकों की कमी के कारण सात से आठ बसों का संचालन न होने से यात्रियों को असुविधा भी झेलनी पड़ती है। पडरौना डिपो की तरफ से 33 निगम और 21 अनुबंधित समेत 54 बसें संचालित होती हैं। इसमें से प्रतिदिनि दस बसें लखनऊ, दो कानुपर और एक बस दिल्ली के लिए संचालित होती हैं। डिपो में बसों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन चालकों की संख्या यथावत बनी हुई है। डिपो सेवा योजन व ग्राम प्रधानों से संपर्क कर कई बार संविदा चालकों की भर्ती के लिए शिविर लगा चुका है, बावजूद चालकों की संख्या सिर्फ 58 बनी हुई है। डिपो में मौजूद बसों की अपेक्षा 20 चालकों की कमी है। इसके चलते डिपो परिसर में हर दिन हर दिन डिपो से 50 से 60 हजार रुपये घाटा हो रहा है। वहीं लंबी दूरी की बसों के साथ दो चालक भेजने पड़ते हैं। संवाद