डेंगू वार्ड में पांच मरीज भर्ती, चल रहा इलाज
- जिले में अब तक डेंगू के 19 मरीज मिल चुके हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में पांच मरीज भर्ती कराए गए हैं। इनमें कोई दिल्ली तो कोई पटना से आया है। इनका चिकित्सकों की देखरेख में इलाज चल रहा है। भर्ती मरीजों में सात साल की एक बच्ची भी है। हालांकि, सीएमएस का कहना है कि जांच में इनमें से सिर्फ दो मरीजों में ही अभी डेंगू की पुष्टि हुई है। अन्य की एलाइजा रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
पिछले दिनों महानगरों में डेंगू के मरीज मिलने के बाद जिला अस्पताल में छह बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया था, जिसमें बाहर से आए मरीजों में डेंगू का लक्षण मिलने पर भर्ती कराया जाने लगा है। शनिवार को डेंगू वार्ड में सत्यम कुमार (20) निवासी भागीपट्टी समउर बाजार भर्ती थे, जो दिल्ली में रहकर पढ़ाई करते हैं। तबियत खराब हुई तो परिजन जिला अस्पताल ले आए, बताया गया कि उन्हें डेंगू हो गया है।
इसी वार्ड में रामकोला क्षेत्र के सज्जनछपरा गांव के निवासी जावेद अंसारी (24) भी भती हैं। उन्होंने बताया कि पटना में काम करते हैं। स्वास्थ्य खराब होने पर घर चले आए। परिवार के लोग जिला अस्पताल ले आए हैं। यहां इलाज चल रहा है।
इसी तरह रामकोला क्षेत्र के ही रामबर गांव के निवासी रितेश कुमार (26) का इलाज भी चल रहा है। यह भी पटना में रहकर पढ़ते हैं। इनके अलावा सेवरही क्षेत्र के दुमही की निवासी सात वर्षीय करीना और कसया क्षेत्र के सेमरा धूसी निवासी 20 वर्षीय विनोद वर्मा का इलाज भी डेंगू वार्ड में चल रहा है।
सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि डेंगू के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में वार्ड बनाया गया है, जहां मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर तैनात कर दिए गए हैं। इस समय भर्ती दो मरीजों में डेंगु की पुष्टि हुई है। अन्य की एलाइजा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
जिले में अब तक पाए गए हैं डेंगू के 19 मरीज
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि जिले में इस साल अब तक डेंगू के 19 मरीज मिले हैं। डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य टीमों को अलर्ट किया गया है कि जहां भी डेंगू के केस मिले, वहां सफाई, फांगिंग, स्प्रे नियमित रूप से करें। खड्डा और सेवरही क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त दवाइयां और सामग्री भेजी गई है, ताकि मच्छरों से पूरा बचाव किया जाए और डेंगू फैलने से रोका जाए।
डेंगू के लक्षण
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द। शरीर पर पड़ने वाले लाल निशान जो थोड़े समय बाद ठीक होने के बाद पुन: वापस भी आ जाते हैं। तेज बुखार। बहुत तेज सिर दर्द। आंखों के पीछे दर्द। उल्टी आना और चक्कर महसूस होना।
डेंगू से बचाव
घरों के आसपास पूर्ण साफ-सफाई रखें। कचरे को अपने आवास से दूर फेंकें। घरों के कूलर, टैंक, ड्रम, बाल्टी आदि से पानी खाली करें। कूलर का उपयोग नहीं होने की दशा में उसका पानी पूरी तरह खाली करें। घरों के आसपास पानी एकत्रित होने वाली सभी अनुपयोगी वस्तुएं जैसे टिन के डब्बे, कांच एवं प्लास्टिक की बोतल, नारियल के खोल, पुराने टायर आदि नष्ट कर पाट दें। निस्तारी योग्य पानी में लार्वा पाए जाने पर टेमीफोस लार्वानाशक दवा का पानी की सतह पर छिड़काव करें। फ्रीज के ‘ड्रिप-पैन’ से पानी प्रतिदिन खाली करें। पानी संग्रहित करने वाले टंकी, बाल्टी, टब आदि सभी को हमेशा ढककर रखें।