पडरौना। मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण अब भी अधूरा है। तीन बार में पांच करोड़ जुर्माना लगने के बाद भी तय समय पर कार्यदायी संस्था भवन का निर्माण पूरा नहीं कर सकी है। इससे इलाज प्रभावित हो रहा है। प्रभारी मंत्री दिनेश सिंह शनिवार को बैठक में प्रगति रिपोर्ट देख प्रोजेक्ट मैनेजर पर नाराजगी जाहिर करते हुए अगले सप्ताह में भवन को हैंडओवर करने का निर्देश दिया। भवन हैंडओवर होने के बाद भी शेष कार्यों को पूरा किया जाएगा। ओपीडी भी नई बिल्डिंग में संचालित होगी।
मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण वर्ष 2021 में शुरू हुआ है और वर्ष 2022 में पूरा करने का लक्ष्य था। तय समय से चार माह देरी से निर्माण कार्य भवन का शुरू हुआ। बीच मेें भी मजदूरों की कमी के चलते ढाई महीने कार्य बंद रहा। मजदूरों की कमी बताकर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था ने एक साल का और समय मांगा। बावजूद भवन का निर्माण वर्ष 2023 में भी पूरा नहीं हो सका। इसके चलते सभी तैयारी पूरी होने के बाद पिछले साल एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी।
जनवरी 2024 में निर्माण कार्य पूरा कर पूरा भवन हैंडओवर करने का दावा कंपनी की ओर से किया गया था। तटिहिनिया में एकेडमिक ब्लॉक और एमबीबीएस का क्लास, आवास का निर्माण कराया गया है, जबकि रविंद्र नगर में इलाज की पूरी ओपीडी का भवन और स्टाफ नर्सों का आवास का निर्माण चल रहा है। 25.97 एकड़ में 281.45 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का लगभग निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सभी भवनों में अंदर का फिनिशिंग का कार्य बाकी है, जिसे पूरा करने के लिए मजदूर जुटे हैं।
शनिवार को बैठक में प्रभारी मंत्री ने फाइल तलब की और प्रोजेक्ट मैनेजर को फटकार लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने डीएम विशाल भारद्वाज और प्राचार्य डॉ. आरके शाही से कहा कि दस दिनों के अंदर भवन को हैंडओवर कर ओपीडी शुरू करें और अगले महीने 15 तारीख तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करें। प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि दस दिन के अंदर भवन हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जो अधूरा कार्य उसे अलगे महीने तक पूरा करने का आदेश प्रोजेक्ट मैनेजर को दिया गया है।