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Kushinagar News: पहली बार निकाय चुनाव में पहुंचेंगे बूथ पर, चुनेंगे प्रतिनिधि

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एमपी व एमएलए के चुनाव में देते रहें मतदान, लेकिन पहली दफा पंचायत चुनाव में करेंगे मतदान
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नगर के पूर्वी छोर पर वर्ष 1992-93 में बसनी शुरू हुई थी जगदीशपुरम कॉलोनी

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। चौंकिए नहीं, करीब 30 वर्ष पहले नगर के पूर्वी छोर पर बसी पॉस कॉलोनी जगदीशपुरम के लोग निकाय चुनाव में पहली बार बूथ पर जाकर प्रतिनिधि चुनेंगे। इसको लेकर कॉलोनी के लोगों में काफी उत्साह है। क्योंकि इसके पहले इस कॉलोनी के लोगों का नाम न तो ग्राम पंचायत में था और न ही नगर पालिका की मतदाता सूची में था। इसके चलते इस कॉलोनी में बसे दो हजार से अधिक लोग ग्रामीण अथवा नगरी सुविधाओं से वंचित रहे थे।
हालांकि, नोनियापट्टी आंशिक के मतदाता सूची में इस कॉलोनी के लोगों का नाम होने से यहां के मतदाता एमपी और एमएलए के चुनाव में मताधिकार का प्रयोग करते रहे हैं।
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नगर के पूर्वीछोर स्थित बेलावा चुंगी के पास वर्ष 1992-93 में जगदीशपुरम कॉलोनी बसनी शुरू हुई थी। इस कॉलोनी में चिकित्सक, शिक्षक, अधिवक्ता समेत अन्य प्रमुख लोगों ने जमीन खरीद कर शहरी सुविधा हासिल करने की चाह में घर बनाया, लेकिन यहां के लोगों को निकाय चुनाव या पंचायत चुनाव में वोट देने का अधिकार नहीं मिला था।
कारण, नगर पालिका परिषद और ग्राम पंचायत दोनों के मतदाता सूची में इस कॉलोनी के लोगों नाम नहीं था। इसलिए कॉलोनी के लोगों को नगर पालिका और नगर पंचायत अपना नहीं मानती थी।
इसकी वजह से यहां के लोगों को न तो शहरी और न ही ग्रामीण क्षेत्र में मिलने वाली सुविधाएं मुहैया होती थी। वैसे तो इस कॉलोनी में करीब चार सौ लोग घर बना कर रहते हैं। लेकिन इस बार जारी हुई मतदाता सूची में 946 लोगों के नाम हैं।
हालांकि, काॅलोनी के लोग विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदाधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इसके लिए कॉलोनी के लोग कई बार आंदोलन किए थे। लोगों के आंदोलन से लेकर कॉलोनी वासियों की समस्याएं अमर उजाला ने कई बार खबर भी प्रकाशित की थी। इस वर्ष पहली बार इस कॉलोनी के लोगों को निकाय चुनाव में वोट देने का अधिकारी मिला है। इससे लोगों में उत्साह है।
कोट
जब से कॉलोनी अपने अस्तित्व में आई है। तब से इस कॉलोनी के लोग शहरी या ग्रामीण सुविधा पाने की लड़ाई लड़ रहे थे। इसके लिए कई बार आंदोलन भी किया जा चुका है, लेकिन अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-आनंद मिश्र, निवासी, जगदीशपुरम कॉलोनी

शहर अथवा पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम नहीं होने से दोनों पंचायतें इस कॉलोनी को अपना नहीं मानती थी। इससे यहा विकास कार्य भी नहीं हुए हैं। इसके लिए लोगों की तरफ से आंदोलन करने के साथ ही समाचार पत्रों में भी यहां की समस्या प्रकाशित हुई थी। लंबे संघर्ष के बाद इस बार पहली बार निकाय चुनाव में मतदान देने का मौका मिला है।
-अखिलेश बर्नवाल, निवासी, जगदीशपुरम कॉलोनी

इस कॉलोनी के लोगों का नाम नोनियापट्टी आंशिक के नाम से मतदाता सूची में नाम दर्ज था। इसके चलते कॉलोनी के लोग सांसद और विधायक चुनते थे। लेकिन पंचायत या निकाय चुनाव में वोटर नहीं होने से मन में निराशा होती थी। अब उत्साह है।
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-सरोज त्रिपाठी, निवासी जगदीशपुरम कॉलोनी
कोट
कॉलोनी के लोग पहली बार निकाय चुनाव में मतदान करेंगे। अब हक के साथ कॉलोनी में विकास कार्य के लिए जनप्रतिनिधि पर दबाव बनाया जा सकेगा। इस मतदान को लेकर कॉलोनी के लोगों में खासा उत्साह है।
-वंदिता पांडेय, निवासी, जगदीशपुरम कॉलोनी
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