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Kushinagar News: विद्यालयों में फर्स्ट एड बॉक्स न होने से नहीं हो पाता प्राथमिक उपचार

Tue, 25 Jul 2023 01:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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फोटो है।
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शुक्रवार को आठ और शनिवार को दो बच्चे भीषण गर्मी से स्कूल में हो गए थे अचेत
परिषदीय विद्यालयों में रखे फर्स्ट एड बाॅक्स में नहीं हैं पर्याप्त दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में फर्स्ट एड बाॅक्स बदहाल स्थिति में है। ऐसे में शिक्षकों के पास आपात स्थिति से निपटने की चुनौती है। बीते शुक्रवार को आठ और शनिवार को दो बच्चे भीषण गर्मी होने के चलते स्कूल में ही अचेत हो गए थे। उस समय अचेत हुए इन बच्चों के प्राथमिक उपचार के लिए शिक्षकों को परेशान होना पड़ा था।
सोमवार को जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल कराई गई तो पता चला कि कई स्कूलों में फर्स्ट एड बाॅक्स ही नहीं है, जहां है, वहां पर्याप्त दवाएं नहीं हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि इस बरसात का समय बच्चों में बुखार, पेट दर्द जैसी बीमारियां होने की आशंका अधिक रहती हैं।
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नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगदेवा में सोमवार को कुल 33 छात्र-छात्राएं आए थे। यहां रखे फर्स्ट एड बाॅक्स में डिटॉल के अलावा अन्य दवाएं नहीं थी। प्रधानाध्यापक राजेश पांडेय ने बताया कि टिफिन एंड फर्स्ट बाॅक्स है, लेकिन उसमें सिर्फ रूई, कैंची और डिटॉल ही हैं।
प्राथमिक विद्यालय सौरहा बुजुर्ग द्वितीय में 59 छात्र-छात्राएं आए थे। प्रधानाध्यापक दिव्य प्रकाश चौरसिया ने बताया कि विद्यालय में फर्स्ट एड बाॅक्स नहीं है। बच्चों को परेशानी होने पर चौराहे से दवा मंगाकर दी जाती है। विद्यालय में आरओ वाटर प्लांट लगा है। वह लंबे समय से खराब पड़ा है। इसके चलते बच्चे साधारण नल से पानी पीते हैं।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय माधोपुर बुजुर्ग में फर्स्ट एड बाॅक्स उपलब्ध था। इसमें थर्मामीटर, मरहम, पट्टी और रूई थी, लेकिन बुखार, पेट दर्ज की दवा नहीं थी। विद्यालय की प्रधानाध्यापक अमिता मल्ल ने कहा कि चोट लगने पर प्राथमिक इलाज की व्यवस्था है। अन्य बीमारियां होने पर चौराहे से दवा मंगवा ली जाती है।
क्षेत्र के मंझरिया टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी फर्स्ट एड बाॅक्स में दवा के नाम पर कुछ नहीं था। प्रधानाध्यापक विनय यादव ने बताया फर्स्ट एड बॉक्स में हैंडीप्लास्ट, साबुन, रूई, पट्टी है। दवा नहीं है, जरूरत पड़ने पर मंगवा ली जाती है।
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कोट
सभी विद्यालयों में फर्स्ट एड बाॅक्स रखना आवश्यक है। इसमें मरहम-पट्टी के अलावा मौसमी बीमारियों की दवा भी रखनी है। जिन विद्यालयों में इस तरह की व्यवस्था नहीं है। वहां के संबंधित प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राम जियावन मौर्या, बीएसए, कुशीनगर।
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