डिजिटल एक्सरे कराना है तो कैमरे वाला मोबाइल फोन साथ लाएं
- जिला अस्पताल में चार महीने से डिजिटल एक्सरे का फिल्म खत्म
- कंप्यूटर स्क्रीन से फोटो खींचकर चिकित्सक को दिखा रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में अगर आपको डिजिटल एक्सरे कराना है तो कैमरे वाला मोबाइल फोन साथ लेकर आना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो आपका इलाज हो पाना संभव नहीं है। क्योंकि डिजिटल एक्सरे का फिल्म लगभग चार महीने से समाप्त है। मरीजों को कंप्यूटर स्क्रीन पर एक्सरे की फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में सामान्य और डिजिटल एक्सरे मशीनें लगी हैं। सामान्य एक्सरे की रिपोर्ट स्पष्ट न आने के कारण लोग डिजिटल एक्सरे ही कराना पसंद करते हैं। डॉक्टर भी डिजिटल एक्सरे कराने की सलाह देते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में एक्सरे का फिल्म पिछले चार माह से खत्म है। मोबाइल में ही फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखानी पड़ रही है। यदि मोबाइल में फोटो सही नहीं दिखता है तो डॉक्टर दोबारा फोटो खिंचवाकर मंगाते हैं। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को पुन: जाकर फोटो खींचना पड़ता है। जिनके पास मोबाइल न हो, उनकी परेशानी अधिक होती है।
मरीजों की लगी रहती है भीड़
जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे कराने के लिए मरीजाें की भीड़ लगी रहती है। मंगलवार को दोपहर लगभग दो बजे तक 209 मरीजों का एक्सरे हो चुका था, इनमें कुछ ऐसे भी मरीज थे, जिनके दो-दो एक्सरे करने पड़े थे। सोमवार को 228 एक्सरे हुआ था। रविवार को अवकाश था, लेकिन शनिवार को हाफ डे होने के बावजूद दोपहर 12 बजे तक 74 मरीजों का एक्सरे हो चुका था।
होती है परेशानी : डॉ. एमएच खान
जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच खान का कहना है कि एक्सरे फिल्म में क्लियरिटी ज्यादा रहती है। मोबाइल से सभी मरीज बढ़िया फोटो ले नहीं पाते हैं। इससे परेशानी होती है। जिनका फोटो ठीक नहीं रहता है, उनसे दोबारा फोटो खींचवाकर मंगाना पड़ता है। उस पर भी फोटो जूम करके देखना होता है, लेकिन जिनका फोटो सही रहता है, उनकी बीमारी या चोट जूम करने पर आसानी से पता चल जाती है। कभी-कभी दिक्कत होती है।