रामकोला। सोहरौना में डोल जुलूस के दौरान उपजे विवाद में लापरवाही की पुष्टि होने पर एसपी ने एसओ समेत तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। 27 अगस्त को मिश्रौली डोल मेले के दिन सोहरौना में डोल जुलूस पर कचरा फेंके जाने के बाद दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। दिन के 11 बजे से उपजे विवाद के कारण देर शाम तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। उस दौरान गांव के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी संतोष कुमार मिश्र ने सीओ सदर अभिषेक प्रताप अजेय को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। सीओ सदर की जांच में एसओ समेत तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही पाई गई। सोमवार को एसपी ने एसओ विनय कुमार सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके पहले भी थानाध्यक्ष विनय सिंह को तत्कालीन एसपी धवल जायसवाल ने कप्तानगंज में तैनाती के दौरान कार में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई नहीं करने पर निलंबित किया था।
बताया जा रहा है कि सीओ सदर अभिषेक प्रताप अजेय की जांच में रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना में उपजे विवाद के मामले का समय से निस्तारण ही नहीं किया गया। एसओ विनय कुमार सिंह शांति कमेटी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे और न ही डोल जुलूस के दौरान वह मौके पर थे। अपने पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति उनकी लापरवाही और उदासीन बना रहना पाया गया। इसके बाद सीओ सदर की जांच रिपोर्ट पर एसपी ने एसओ विनय कुमार सिंह, हल्का दरोगा आशीष कुमार और बीट आरक्ष्री पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।