खड्डा। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर गरीब महिलाओं को कर्ज के दलदल में फंसाने का आरोप लगाते हुए मनरेगा मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंबिका प्रसाद श्रमिक ने खड्डा क्षेत्र के शाहपुर में अनशन शुरु कर दिया है। मौके पर बड़ी संख्या में कर्ज से परेशान महिलाएं मौजूद हैं। आंदोलनकारी मुख्यमंत्री को बुलाने एवं समूह लोन माफ करने सहित 7 सूत्रीय मांग कर रहे हैं।
खड्डा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा शाहपुर के बगीचे में अनशन पर बैठे मनरेगा मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंबिका प्रसाद श्रमिक का कहना है कि माइक्रो फाइनेंस कंपनिपां ग्रामीण महिलाओं को समूह के नाम पर अनाप-शनाप तरीके से लोन दे रही हैं। कई महिलाओं को 8 से 9 संस्थाओं ने लोन दे दिया है। उनसे 15 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा है। किस्त चुकाने में असमर्थ महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए घर का सामान बेचवा दिया जा रहा है। शाहपुर गांव की रहने वाली रम्भा देवी बीमारी की वजह से किस्त नहीं दे पाई तो उनकी मोटरसाइकिल, गैस सिलिंडर, चौकी, बर्तन, पंखा सहित सरकार से मिला सोलर पैनल बेचवा दिया गया। इस प्रताड़ना से उसकी मृत्यु हो गई।
अंबिका प्रसाद ने उचित तरीके से लोन का निपटारा कराते हुए ऋण देने व वसूली की नियमावली बनाने की मांग की। साथ ही मनरेगा में भ्रष्टाचार रोकने के लिए मनरेगा मजदूर संघ को निगरानी व निरीक्षण तथा सोशल आडिट का अधिकार दिया जाए। इस अवसर पर हेमराज श्रमिक, गजानंद राम, तबारक, पवन कुमार, अर्जुन प्रसाद, महेन्द्र कुमार, मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने पहुंच कर लोगों से अनशन समाप्त करने की बात कही परंतु लोग मानने को तैयार नहीं हैं। एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है।
लोन से जीवन सुधारने का सपना देखा था, हकीकत में जीवन पूरी तरह बिखर गया
खड्डा। अनशन स्थल पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि समूह के नाम पर लोन मिला है, कई किस्त जमा कर चुके हैं। कभी मजबूरी में किस्त जमा नहीं हो पाता है तो वसूली करने वाले रात में घरों में घुस जाते हैं, अभद्रता करते हैं, गाली देते हैं, घर की लड़कियों को खींचकर ले जाने को कहते हैं। घर का सामान उठा ले जाते हैं। महिलाओं ने कहा कि कभी एक कम्पनी का किस्त नहीं जमा हो पाता है तो कुछ रिश्वत लेकर कागज में हेरफेर कर दूसरे कम्पनी से लोन दिलवा कर पैसा लेते हैं। इसी तरह कई कम्पनी का कर्ज हो जाता है। गांव की 80 प्रतिशत गरीब महिलाएं इस कर्ज के चंगुल में फंस गई हैं। जीवन पूरी तरह नर्क बन गया है। कई लोग भय के मारे घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। आत्महत्या करने का ख्याल आता है। लोन से जीवन सुधारने का सपना देखे थे परंतु हकीकत में जीवन पूरी तरह बिखर गया है।