- कप्तानगंज चीनी मिल पर किसानों का बकाया है गन्ना बकाया 77 करोड़ 12 लाख रुपये
कप्तानगंज। दिवाली और छठ करीब आ चुकी है, लेकिन कप्तानगंज चीनी मिल ने किसानों का
77 करोड़ 12 लाख रुपये बकाया भुगतान नहीं किया। गन्ना मूल्य का भुगतान न होने के कारण पिछले साल की तरह इस साल भी दिवाली में दीया नहीं जल पाएगा। वहीं, छठ पर्व मनाना भी किसानों के लिए मुश्किल होगा।
कप्तानगंज चीनी मिल पर पेराई सत्र 2021-22 का किसानों का 77 करोड़ 12 लाख रुपये बकाया है। प्रशासन ने 28 जुलाई को इस चीनी मिल को सील कर दिया था और डिस्टिलरी फैक्ट्री के स्क्रैप की नीलामी के लिए प्रशासन ने 40 दिन पूर्व वैल्यूएशन भी कराया था। उसकी सबसे अधिक कीमत 62 लाख 30 हजार रुपये एक कंपनी ने लगाया था, लेकिन अभी तक नीलामी को लेकर प्रशासन की ओर से तिथि की घोषणा नहीं की गई है। स्क्रैप की नीलामी से 27 मजदूरों का बकाया वेतन का भुगतान होने के बाद शेष पैसे से किसानों का गन्ना मूल भुगतान होना था, लेकिन प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई केवल कागजों में रह गई। इसके चलते किसानों को दिवाली और छठ पर्व मनाना मुश्किल दिख रहा है।
किसान बोले
चीनी मिल पर दो लाख रुपये गन्ना का बकाया है। भुगतान न होने के कारण दिवाली और छठ पर्व मनाना कठिन लग रहा है। प्रशासन की ओर से चीनी मिल पर लगातार कार्रवाई की गई, लेकिन किसानों को इससे कोई फायदा अभी तक नहीं हुआ।
भगवंत गौड़, बभनौली
चीनी पर 75 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। भुगतान न होने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। अब दिवाली और छठ मनाना भी भारी पड़ेगा। पिछले साल मिल चली नहीं और इस वर्ष भी चलने की उम्मीद नहीं है।
योगेंद्र सिंह, कोटवा
मिल किसानों का करोड़ों रुपये दबाए बैठी है, लेकिन प्रशासन जो कार्रवाई कर रहा है, वह केवल दिखावा है। किसानों को अभी तक एक रुपया गन्ना मूल्य नहीं मिला। चीनी मिल पिछले वर्ष नहीं चली और इस वर्ष भी चलने की कोई उम्मीद नहीं है। पिछले वर्ष किसानों की दिवाली और छठ का त्योहार रुपये की कमी के कारण फीका हो गया था। इस वर्ष भी फीकी पड़ी तो संगठन और किसानों के साथ जिलाधिकारी का घेराव करते हुए आंदोलन किया जाएगा।
राधेश्याम सिंह, पूर्व राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
इस साल चीनी मिल नहीं चलेगी। किसानों के बकाए का भुगतान प्रबंधतंत्र अन्य स्रोतों से करने की कोशिश कर रहा है।
नरेंद्र वली, महाप्रबंधक (कार्य), कप्तानगंज चीनी मिल