अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर- सिस्टम नहीं होने से फ्लाइट उतरने में विजिबिलिटी की होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर का विस्तार कर आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) और डीवीओआर (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेज डाॅप्लर रडार) लगाने के लिए एयरपोर्ट की तरफ से किसानों से ली गई जमीन खाली कराने के लिए तहसील प्रशासन ने किसानों को नोटिस दिया है। अधिकारियों ने चेताया है कि यदि ली गई जमीन और मकान तीन दिन में खाली नहीं हुए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर बनाने के दौरान 587 एकड़ जमीन में एयरपोर्ट के रनवे सहित एटीसी बिल्डिंग, फायर स्टेशन, फ्यूल स्टेशन आदि अन्य कार्य पूरा हो गया था। डेढ़ वर्ष पूर्व अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर का लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था।
एयरपोर्ट से दिल्ली की फ्लाइट चल रही है। इस एयरपोर्ट पर रात में कोहरा और तेज बरसात में फ्लाइट उतरने में विजिबिलिटी की दिक्कत आती है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) और डीवीओआर लगाना है। इसके लिए जमीन कम पड़ रही थी तो एयरपोर्ट ने पुन: किसानों से करीब 30 एकड़ जमीन ली।
आईएलएस सिस्टम को लगाने के लिए टेंडर की प्रकिया पूरी कर इसमें लगने वाले सामान कोरिया से आ गए हैं। इस कार्य को कराने के लिए कार्यदायी संस्था उड़ीसा की मेसर्स नवलोकदास को जिम्मेदारी मिली है। इसी को लगाने के लिए 190 मीटर रनवे के उत्तर और दक्षिण किसानों से लगभग 30 एकड़ जमीन ली गई है। इस जमीन का सीमांकन कर प्रशासन ने किसानों को मुआवजा भी दे दिया।
इसमें से कुछ किसानों ने अपनी जमीन खाली कर दी, कुछ किसान जमीन अथवा अधिग्रहित जमीन पर बने मकान अभी तक खाली नहीं कर सके हैं। इसको लेकर एयरपोर्ट के अधिकारी और तहसील प्रशासन ने भलुही मदारीपट्टी और बेलवा दुर्गा राय गांव पहुंच कर संबंधित लोगों को तीन दिन में अधिग्रहीत भूमि खाली कराने के निर्देश दिए।
तहसीलदार मांधाता प्रताप सिंह ने कहा कि तीन दिवस के भीतर खुद ही जमीन खाली नहीं कराने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कुशीनगर एयरपोर्ट के सिविल महानिदेशक अमर सिंह, नायब तहसीलदार शैलेश सिंह, लेखपाल निलेश रंजन राव, अजय दूबे और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।