उर्वरक के लिए समिति का चक्कर लगा रहे किसान
पिपरा कनक, मंगुरी पट्टी और पटहेरवा आदि समिति पर नहीं है डीएपी
समउर बाजार। क्षेत्र की समितियों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं है। इससे परेशान क्षेत्र के किसान हर रोज उर्वरक के लिए इन समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का कहना है समिति पर उर्वरक उपलब्ध नहीं होने से प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदना पड़ रह है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्षेत्र के पिपरा कनक, मंगुरी पट्टी, पटहेरवा समेत अन्य कई स्थानों पर साधन सहकारी समिति संचालित होती है। यहां क्षेत्र के किसानों को डीएपी समेत अन्य उर्वरक और बीज सरकारी दर पर उपलब्ध कराई जाती है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि क्षेत्र के सभी किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं। इसके लिए डीएपी समेत अन्य उर्वरक की जरूरत पड़ती है। लेकिन क्षेत्र के समितियों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र के किसान सुबह से ही समितियों पर खाद के लिए लाइन लगा रहे हैं। उनकी बारी आते-आते उर्वरक समाप्त हो जा रहा है।
सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं मिलने से किसान मजबूर होकर प्राइवेट दुकान से खरीद रहे हैं। इससे किसानों को जेब ढीली करने के बाद भी सही उर्वरक नहीं मिल रहा है।
- किसान राकेश कुमार शर्मा, निवासी जोगिया
खाद के लिए सुबह से समिति पर लाइन लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा है। सरकार को फसलों के बुआई की सीजन में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध करानी चाहिए।
- किसान कयूम सिद्दीकी, निवासी पिपरा कनक बोदा टोला
जिले में उर्वरक की कमी है। सभी समितियों पर समय-समय पर डीएपी समेत अन्य उर्वरक भेजी जा रही है। चूंकि गेहूं की बुआई का सीजन है। सभी किसानों को एक ही समय में मांग रहती है। इसलिए इस तरह की दिक्कत आ रही है।
- डॉ. बीआर मौर्या, जिला कृषि अधिकारी