फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न होने से किसानों में नाराजगी

विज्ञापन
विज्ञापन
-15 दिनों में गन्ना मूल्य भुगतान करने का दावा फेल
विज्ञापन

- सेवरही चीनी मिल से जुड़े किसान नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
पटहेरवा। सेवरही चीनी मिल की ओर से 15 दिनों में गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने का दावा फेल हो गया है। इस चीनी मिल से जुड़े किसानों के खाते में ढाई महीने से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो सका है। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल उनके लिए नकदी फसल है। भुगतान न होने के कारण वह गन्ने की सिंचाई व गेहूं की कटाई को लेकर परेशान हैं।
क्षेत्र के अहलादपुर, पटहेरवा, नारायनपुर, बलुआ तकिया, अमवा, सेंदुरिया, करमैनी, रजवटिया आदि कई गांवों के किसान सेवरही चीनी मिल पर अपना गन्ना आता हैं। किसान पप्पू राय, ब्रजेश पांडेय, सुरेंद्र राय, सत्येंद्र तिवारी, सुरेंद्र तिवारी आदि का कहना है कि ढाई माह से अब तक गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो सका है। इन किसानों का कहना था कि इस समय गेहूं की कटाई से लेकर गन्ने की पेड़ियों की सिंचाई में काफी खर्च लगता है। गन्ना गिराने के बाद अभी भी भुगतान की राह देख रहे हैं। किसानों का कहना था कि अन्य चीनी मिलों की ओर से काफी बाद तक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है, जबकि सेवरही चीनी मिल अब तक किसानों को जनवरी तक ही भुगतान कर सकी है। भुगतान न होने से किसान आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। किसानों ने शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन

-
त्रिवेणी चीनी मिल ने किया आठ अप्रैल तक गन्ना मूल्य का भुगतान
रामकोला। रामकोला कस्बे में स्थित त्रिवेणी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक यशराज सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि मौजूदा पेराई सत्र का दो से आठ अप्रैल तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान 12 करोड़ 98 लाख रुपया किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है। शेष भुगतान भी प्रक्रिया में है।
विज्ञापन

प्रधान प्रबंधक यशराज सिंह ने बताया कि चीनी मिल में नौ नवंबर से पेराई सत्र का शुभारंभ किया गया था, जो 17 अप्रैल तक 82 लाख 68 हजार क्विंटल गन्ने की पराई कर चुकी है और किसानों का गन्ना मूल्य का भुगतान एक सप्ताह के अंतर में करती रही है। भुगतान से किसानों को अगली फसल की बुवाई में लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी मिल से स्वीकृत प्रजातियों का गन्ना बोने से किसानों को लाभ मिलता है और पैदावार बढ़ती है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें