कुशीनगर। जाली नोट के धंधेबाजों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में लाने वाले कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू खुद जांच के दायरे में आ गए हैं। गैंगरेप के आरोपी मीर औरंगजेब और रफी खान उर्फ बबलू के साथ कांग्रेस नेता लल्लू के कई फोटो पुलिस के हाथ लग गए हैं। इसको आधार बनाते हुए पुलिस कांग्रेस नेता की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए नोटिस जारी कर पूछताछ करेगी।
पुलिस ने तमकुही राज से सपा नेता रफी खान समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक ये सभी जाली नोट, मसाला तस्करी और पशु तस्करी से जुड़े रहे हैं। राजनीतिक दलों से जुड़े इन आरोपियों के पकड़े जाने का मामला पूरे सूब में सुर्खियों में है। आरोपियों का पक्ष लेते हुए कुछ नेता न्यायिक जांच की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने भी एक्स और फेसबुक पर पोस्ट की। एक पोस्ट में उन्होंने पुलिस को राबिनहुड बताते हुए सवाल खड़े किए तो दूसरी पोस्ट में आरोपियों के पैर में लगी चोट का जिक्र करते हुए दो वीडियो भी साझा किए और डीजीपी से सवाल किया है।
जांच में पुलिस को पकड़े गए आरोपियों के साथ अजय लल्लू के फोटो सोशल मीडिया से मिल गए। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि अजय लल्लू की भूमिका संदिग्ध लग रही है। उनके खिलाफ जांच शुरू करा दी गई है। जेल भेजे गए आरोपियों के साथ उनका फोटो मिला है और उनको बचाने के लिए वे प्रयास कर रहे हैं। नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ की जाएगी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय लल्लू ने कहा कि अभी उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है और न ही कोई ऐसी सूचना है। बिना नोटिस मिले कुछ कहना उचित नहीं होगा। पुलिस की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
00
न्यायिक जांच के बाद मिले दोषियों को सजा : इलियास
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहम्मद इलियास अंसारी ने फेसबुक पर पोस्ट कर कहा है कि लोगों के बताने के अनुसार इस घटना की न्यायिक जांच बहुत आवश्यक है। पुलिस की ओर से गिरफ्तारी दूसरी जगह दर्शाई गई है। लोगों के अनुसार, असलहे और गोली बारूद भी वहां पर नहीं मिला था। अगर कोई साक्ष्य मौजूद था तो पुलिस को दर्शाना चाहिए। इस तरह की कार्रवाई से पुलिस से लोगों का विश्वास उठ जाएगा।