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आंखों का इलाज हुआ नहीं, दुखने लगा सिर और पांव

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जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
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आंखों का इलाज हुआ नहीं, दुखने लगा सिर और पांव
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पडरौना। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को नेत्र रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही, लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे। लाइन में खड़े मरीजों ने बताया कि एक घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। आंखों का इलाज तो नहीं हो पाया, उल्टे किसी का सिर तो किसी का भी पैर दुखने लगा। इसी तरह अन्य डॉक्टरों के कक्ष भी खाली रहने से मरीजों को परेशान होना पड़ा।
तबादले के बाद एक तो जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या घट गई है, दूसरे जो उपलब्ध हैं, वे भी समय से अपने कक्ष में नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में दूरदराज से इलाज के लिए आए मरीजों को निराश होना पड़ रहा है।
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इन दिनों वायरल फीवर, एईएस, सर्दी-जुकाम सहित विभिन्न बीमारियों के मरीज अधिक आ रहे हैं। ऐसी दशा में 150 बेड के जिला अस्पताल में 200 के आस-पास मरीजों की संख्या पहुंच जा रही है। ओपीडी में ही प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों के तबादले के कारण अधिकतर कक्ष खाली रह रहे हैं। इसके अलावा जो डॉक्टर मिले भी हैं, वे भी समय से उपलब्ध न रहने पर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिजिशियन से लगायत सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ सहित कई डॉक्टरों की अभी भी कमी है।
बृहस्पतिवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नेत्र रोग विशेषज्ञ का कक्ष खाली था। उसके बाहर मरीज लाइन लगाए डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा फिजिशियन और हड्डी रोग विशेषज्ञ का कक्ष भी खाली था। त्वचा रोग विशेषज्ञ भी दो महीने से नहीं हैं, जिससे दाद, खाज, खुजली सहित अन्य रोगों के मरीजों को भी वापस लौटना पड़ रहा है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद बहुत से पद रिक्त हो गए हैं। सिर्फ एक ईएमओ हैं। इस लिए ओपीडी वाले डॉक्टरों को इमरजेंसी ड्यूटी भी करनी पड़ती है। जो डॉक्टर रात में इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं, वे ओपीडी नहीं करते। फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन सिर्फ एक-एक ही हैं। उपलब्ध डॉक्टरों के सहारे मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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