-ड्रग वेयर हाउस के पास जमीन में दबा दी गई थीं भारी मात्रा में दवाइयां
-सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर डीएम ने दिखाई तत्परता, आधी रात तक हाईवे के किनारे जमे रहे अफसर
-डीएम ने एडीएम के नेतृत्व में बैठाई जांच, हटाया गया ड्रग वेयर हाउस पर तैनात फार्मासिस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। नेशनल हाईवे के किनारे कुशीनगर में बने ड्रक वेयर हाउस के पास भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवाएं मिट्टी में दबा दी गई हैं। दो माह पूर्व हुए इस खेल का भंडाफोड़ ड्रग वेयर हाउस के सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर सोमवार की देर रात उस समय हुआ, जब मिट्टी में दबाई गईं दवाओं को जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्राॅली से दूसरी जगह भेजा जा रहा था। देर रात तक अफसर मौके पर जमे रहे। अब तक की जांच में सीएमओ से लेकर फार्मासिस्ट की भूमिका संदिग्ध दिख रही है। हालांकि, डीएम ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच बैठा दी है। तत्काल प्रभाव से फार्मासिस्ट मंतोष पांडेय को हटा दिया गया है। उनकी जगह सपहां सीएचसी के फार्मासिस्ट को तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले का ड्रग वेयर हाउस कुशीनगर में हाईवे किनारे है। इसका चार्ज फार्मासिस्ट मंतोष पांडेय के पास एक साल से था। यहां तैनात सुरक्षा गार्ड कमलेश सिंह ने जमीन में दवा दबाने की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर एक वीडियो वायरल किया। सोमवार को दिन में सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ड्रग वेयर हाउस पर पहुंचे और जांच की। गार्ड ने जिस स्थान पर जमीन में दवाइयां दबाने की शिकायत की, वहां मंगलवार को खुदाई होने वाली थी।
बताया जा रहा है कि सोमवार की देर रात ड्रग वेयर हाउस के पास फार्मासिस्ट के जानने वाले जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर पहुंचे और जमीन में दबाई गईं दवाओं को निकलवाने लगे। गार्ड ने इसकी जानकारी डीएम रमेश रंजन को दी।
डीएम के निर्देश पर एडीएम वैभव मिश्रा, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया, कसया की एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार शैलेश सिंह, इंस्पेक्टर डॉ. आशुतोष त्रिपाठी पहुंचे। अफसरों को देख फार्मासिस्ट के करीबी भाग निकले। आधी रात तक अफसर मौके पर जमे रहे। जमीन के अंदर अधिक मात्रा में दवा दबाने का अनुमान लगाया जा रहा है। जेसीबी और ट्रैक्टर चालकों से एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल ने बयान दर्ज किए। चालकों ने फार्मासिस्ट के बुलाने पर आने की बात कही। ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
डीएम के निर्देश पर चल रही जांच के क्रम में मंगलवार को दोपहर में डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता, नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी और कसया सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और खुदाई कराई तो जमीन में दबी और दवाइयां निकवालीं। इसमें कई ऐसी दवाइयां थीं, जो एक्सपायर नहीं हुई थीं। सीएमओ ने रात में ही जमीन में मिली दवाओं को जांच के लिए कब्जे में लिया। अब तक की जांच में पता चला कि दो माह पूर्व नियम विरुद्ध तरीके से जमीन में दवाएं दबवाई की गई थीं। बचाव के लिए रातों रात साक्ष्य मिटाने की कोशिश की जा रही थी।
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कोट
जमीन में दवा दबवाने की फार्मासिस्ट ने उन्हें जानकारी नहीं दी थी। गार्ड की शिकायत पर मामले की जांच के लिए डीएम के निर्देश पर कमेटी गठित की गई है। इसमे मैं भी शामिल हूं। स्टाॅक मिलान और जमीन में मिली दवाओं की जांच की जा रही है। ड्रग वेयर हाउस से फार्मासिस्ट को हटा दिया गया है। उसकी जगह सपहां सीएचसी के फार्मासिस्ट इम्तियाज अहमद को तैनात किया गया है। बाकी जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ज-
डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ