राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर में लगी है प्रदर्शनी
संवाद न्यूज एजेंसी।
कसया/साखोपार। कुशीनगर स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय में शुक्रवार को बुद्ध के जीवन से जुड़ी छाया चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। इसमें चित्र के माध्यम से बुद्ध के जन्म से लेकर महापरिनिर्वाण तक के जीवन की जानकारी दी गई है।
इसका शुभारंभ बुद्ध पीजी कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. त्रिभुवन त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि चित्र प्रदर्शनी से पर्यटकों को गौतम बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाओं की जानकारी सहज रूप से हो जाएगी। इससे क्षेत्रीय चित्रकारों को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
प्रदर्शित चित्रों में भगवान बुद्ध के जन्म से पूर्व उनके तुषिता स्वर्ग में होने, उनकी माता के स्वप्न में सफेद हाथी को देखना, भगवान बुद्ध का लुंबिनी में जन्म, आसित ऋषि की भविष्यवाणी, पालन-पोषण, शिक्षा-दीक्षा, देवदत्त के बाण से घायल हंस की रक्षा करना, युवावस्था, उन्हें विचलित करने वाले चार दृश्यों का अवलोकन, विवाह, पुत्र राहुल का जन्म, गृह त्याग, तपस्या, ज्ञान प्राप्ति के प्रयास, सुजाता की तरफ से खीर अर्पण, बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति, सारनाथ में धर्मचक्र प्रवर्तन, धर्म-प्रचार, स्वर्गारोहण, कपिलवस्तु पुनरागमन व दीक्षा देना, रोगियों की सेवा, महिलाओं का संघ में प्रवेश, पावा आगमन, चुंद के यहां भोजन, कुशीनगर आगमन, कुशीनगर में महापरिनिर्वाण, अंतिम संस्कार तथा उनके धातु अवशेषों पर स्तूपों का निर्माण आदि घटनाओं को प्रमुख रूप से दर्शाया गया है।
यह प्रदर्शनी 31 मई तक प्रत्येक कार्य दिवस पर पर्यटकों के अवलोकन के लिए दिखाई जाएगी। संचालन तेज प्रताप शुक्ला ने किया। अतिथियों का स्वागत एवं आभार संग्रहालयाध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने किया। इस दौरान श्रवण कुमार, धीरेंद्र मिश्रा, जितेंद्र यादव, अमित सिंह, वालवेंदु, मीरचंद, महेश आदि मौजूद रहे।