पडरौना। नए सत्र से 12वीं तक विद्यार्थियों का अपना परमानेंट एजुकेशन नंबर होगा। इससे फर्जी टीसी पर लगाम लगेगी। साथ ही बिना मान्यता के स्कूल संचालित नहीं हो पाएंगे। एक क्लिक पर छात्रों का डाटा उपलब्ध होगा, जो देश भर के किसी भी स्कूल में मान्य होगा। स्कूल में छात्रों से संबंधित हर काम के लिए अब इस नंबर का उपयोग करना जरूरी होगा।
जिले में 2464 प्राथमिक व 54 वित्तपोषित जूनियर विद्यालय, 1500 स्ववित्तपोषित जूनियर स्कूल, 20 राजकीय, 55 अशासकीय और 286 वित्तविहीन माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। इसमें लगभग पांच लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अब इन सभी छात्र-छात्राओं का परमानेंट एजुकेशन नंबर होगा। जिसमें छात्रों का पूरा डाटा अपलोड होगा। यू-डायस पोर्टल पर अधिकृत विभाग किसी भी स्कूल का पूरा विवरण और छात्र के बारे में जानकारी ले सकते हैं। परमानेंट एजुकेशन नंबर से ही अगली कक्षाओं में प्रवेश मिलेगा। एडमिशन के लिए फर्जी टीसी लगाने, बिना फीस भरे स्कूल छोड़ कर फर्जी टीसी के सहारे दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने जैसी कार्यों पर रोक लग जाएगी। डीआईओएस रविंद्र सिंह ने बताया कि यू-डायस में ''''पेन'''' का लाभ बड़े स्तर पर मिलेगा। बिना परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) के स्कूलों में कोई छात्र नहीं होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेही, कोई बिना मान्यता का स्कूल नहीं संचालित हो पाएंगे।