पडरौना। तमकुहीराज नगर पंचायत के ईओ की पिटाई का मामला तूल पकड़ने लगा है। ईओ के पक्ष में नगर पंचायत और नगर पालिका के कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। सोमवार को कर्मचारियों ने बुद्धा पार्क में धरना दिया और चेयरमैन समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। जिले के सभी ईओ ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र डीएम उमेश मिश्रा को सौंपा। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कमजोर धाराओं में केस दर्ज करने का आरोप लगाया और कार्यालय में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर कर्मचारियों ने हड़ताल की चेतावनी दी है।
आउट सोर्सिंग टेंडर को लेकर शनिवार की शाम ईओ और चेयरमैन में मारपीट के मामले में ईओ की तहरीर पर पुलिस ने चेयरमैन जेपी गुप्ता, ठेकेदार उपेंद्र गुप्ता, सभासद रूपेश कुमार, राहुल गोंड़, अभय, रवि कुमार समेत 14 लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है लेकिन, पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे नाराज नगर पंचायतों के कर्मचारी जिला मुख्यालय के बुद्धा पार्क में पहुंचे। उनके साथ जिले के सभी ईओ भी रहे। कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। तमकुहीराज ईओ की पिटाई के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। चेतावनी दी कि पुलिस और प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो कर्मचारी सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, ईओ अमित सिंह, संतोष वर्मा, शैलेंद्र मिश्र, रवि पटेल, अजय कुमार सिंह आदि ने डीएम से मिलकर मांग पत्र सौंपा। कहा कि तमकुहीराज पुलिस आरोपियों को बचा रही है। कमजोर धाराओं में केस दर्ज कर लीपापोती करना चाहती है। दर्ज केस में धाराएं बढ़ाई जाएं और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
नगर पंचायत कार्यालय में पसरा रहा सन्नाटा
शनिवार की शाम ईओ और चेयरमैन में मारपीट के बाद सोमवार को नगर पंचायत कार्यालय खुला। ईओ और चेयरमैन कार्यालय नहीं पहुंचे और कक्ष में ताला बंद रहा। कार्यालय में विभागीय काम से पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कई बार वार्ता भी हुई, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल पा रहा है। कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। चार-पांच कर्मचारी ही मौजूद रहे।
देवरिया का एक व्यापारी आरोपियों को दे रहा शह
देवरिया के एक व्यवसायी का एनएच पर पेट्रोल पंप है। उसे चेयरमैन का करीबी बताया जा रहा है और मारपीट में शामिल दबंग ठेकेदार को संरक्षण दे रहा है। आरोपियों को शह देने में सत्ता पक्ष से जुड़े व्यवसायी का भी नाम सामने आ रहा है। आरोपी और व्यवसायी एक जनप्रतिनिधि के घर ईओ से समझौता कराने के लिए पहुंचे। जनप्रतिनिधि ईओ को फोन किया गया, लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं होने से बात नहीं हो सकी। सूत्रों की मानें तो आरोपी ठेकेदार का काफी दिनों से नगर पंचायत में दबदबा है और अधिकतर कार्य भी उसी की फर्म को मिलता है।
निष्पक्ष जांच में वित्तीय गड़बड़ी का हो सकता है खुलासा
-नगर पंचायत कार्यालय तमकुहीराज में मारपीट के बाद वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आने लगा है। चर्चा है कि अगर आउटसोर्सिंग का टेंडर गलत तरीके से लिया गया था तो उसे पहले निरस्त क्यों नहीं किया गया?। ठेकेदार को सिर्फ नोटिस देकर मामला क्यों ठंडे बस्ते में डाल दिया गया?। उच्चाधिकारियों को भी इसकी जानकारी देने से परहेज किया गया। सूत्रों की मानें तो पूरे मामले के पीछे कमीशन को लेकर खींचतान है।